नगर फोर्ट के तालाब की खुदाई में मिले पुरातत्व अवशेष, प्रशासन ने रूकवाया कार्य

कस्बे स्थित बड़े तालाब की खुदाई में शुक्रवार को पुरातत्व अवशेष मिले हैं। इससे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। वहीं सूचना के बाद स्थानीय प्रशासन ने तालाब की खुदाई का कार्य रुकवा दिया। सूचना पुरातत्व विभाग को दी गई, लेकिन विभाग की टीम शाम तक नगरफोर्ट नहीं पहुंची। तालाब में मिले अवशेष खेड़ा सभ्यता से जुड़े हो सकते हैं।

By: pawan sharma

Published: 11 Jun 2021, 07:31 PM IST

नगरफोर्ट. कस्बे स्थित बड़े तालाब की खुदाई में शुक्रवार को पुरातत्व अवशेष मिले हैं। इससे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। वहीं सूचना के बाद स्थानीय प्रशासन ने तालाब की खुदाई का कार्य रुकवा दिया। सूचना पुरातत्व विभाग को दी गई, लेकिन विभाग की टीम शाम तक नगरफोर्ट नहीं पहुंची। तालाब में मिले अवशेष खेड़ा सभ्यता से जुड़े हो सकते हैं। इसकी जांच के लिए स्थानीय प्रशासन ने जिला प्रशासन को पत्र लिखा है।

ग्रामीणों ने बताया कि नगरफोर्ट के बड़े तालाब की खुदाई के दौरान जमीन के दस फीट नीचे पुरानी ईंटे व कुछ चट्टानें जैसे पुरातत्व अवशेष मिले हैं। साथ ही खुदाई में एक लम्बी दीवार मिलने का भी अनुमान लगाया जा रहा है। जानकारी होने पर कार्यवाहक दूनी तहसीलदार सर्वेश्वर रिमार्क ने नगरफोर्ट पटवारी सुरेंद्र टाटीवाल को मौके पर भेजकर खुदाई के कार्य पर रोक लगा दी। उन्होंने बताया कि कस्बे में लगभग 137 हैक्टेयर भूमि तालाबी अराजी के नाम दर्ज है।

आसपास के गांवों के ग्रामीण तालाब से मिट्टी निकाल कर प्रयोग करते हैं। गत दिनों से तालाब से मिट्टी निकालकर ग्रामीणों ने उसको गहरा कर दिया है। मौजूदा समय में तालाब की गहराई बीस फीट के करीब है। शुक्रवार को खुदाई के दौरान तालाब में लगभग पंद्रह फीट नीचे एक पुरानी ईंट की लगभग दो से तीन फीट चौड़ी दीवार के अवशेष मिले हैं। दीवार के नीचे जब ग्रामीणों ने लगभग पांच फीट खुदाई और की, लेकिन ग्रामीण दीवार की नींव तक पहुंच नहीं सके।

ग्रामीणों के मुताबिक तालाब में लगभग चालीस फीट से अधिक की दीवार जमीन के नीचे होने का अनुमान है। ग्रामीणों के मुताबिक तालाब के भीतर डेढ़ सौ से अधिक वर्ष के अवशेष हैं। वहीं नगरफोर्ट की खेड़ा सभ्यता का विशेष महत्व है। बड़ा तालाब प्राचीन समय में गलवा नदी को रोककर बनाया गया था। इसके किनारे व भूगर्भ में पुरानी सभ्यता के कई अवशेष निकलते रहते हैं। सूचना पर आस-पास के ग्रामीण अवशेष को देखने तालाब के पास पहुंच रहे हैं।

नगरफोर्ट पटवारी सुरेंद्र टाटीवाल ने बताया कि ग्रामीणों को तालाब में खुदाई कार्य करने से रोक दिया है। तालाब में खुदाई करने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने बताया कि पुरातत्व विभाग को जांच करने के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है। जांच के बाद ही सही स्थित पता चलेगी कि अवशेष कितने पुराने हैं। फिलहाल पुरातत्व विभाग की टीम के आने के बाद आगे खुदाई कराई जाएगी।

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