सम्मेलन में चर्चा कर 13 दिसम्बर को मांगो को लेकर प्रदर्शन करने का लिया निर्णय

आशा सहयोगिनी व ग्राम साथिन कर्मचारी संघ का जिला स्तरीय सम्मेलन अन्नपूर्णाडूंगरी कॉलोनी में हुआ।

 

By: pawan sharma

Published: 11 Dec 2017, 09:56 AM IST

टोंक. आशा सहयोगिनी व ग्राम साथिन कर्मचारी संघ का जिला स्तरीय सम्मेलन रविवार को अन्नपूर्णाडूंगरी कॉलोनी में हुआ। प्रदेश संगठन मंत्री माया शर्मा ने बताया कि सम्मेलन में मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष गणेश माहुर थे।

 

उन्होंने कहा कि जिले में सहयोगिनी व साथिन अच्छा कार्य कर रही है। ये दो विभागों में दिनरात कार्य करती हैं। अध्यक्षता कर रही नगर परिषद सभापति लक्ष्मीदेवी जैन ने कहा कि प्रदेश में चल रही कई योजनाओं में सहयोगिनी तथा साथिनों का महत्वपूर्ण योगदान हैं।

 

सम्मेलन में समस्याओं से अवगत कराया। इसमें बताया कि आशा सहयोनियां महिला एवं बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ी पाठशाला व चिकित्सा विभाग में कार्य कर रही है। अच्छा कार्य करने की ही बदौलत मातृ शिशु मृत्यु दर में कमी आई है।

 

आशा सहयोगिनियां महिला का प्रसव , नवजात, पोषण, रोगियों को अस्पताल तक ले जाने, महिला व चिकित्सा सेवा, संग्रह केन्द्र, कशोरी बालिकाओं के लिए कार्य करती हैं। इसके बावजूद उन्हें 18 50 रुपए महीने का मानदेय दिया जाता है।

 

मांगों के लिए 13 दिसम्बर को प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपेगी। सम्मेलन में माया शर्मा, विद्या टेलर, रेणु शर्मा, यासमीन, शाहिस्ता, मन्जू शर्मा, नूर बानो, मोहम्मद अजमल आदि मौजूद थे।

 

प्रेरकों ने मनाया मानवाधिकार दिवस

टोंक. महात्मा गांधी पुस्तकालय, वाचनालय प्रेरक संघ की बैठक रविवार को गांधी पार्क में हुई। इस मौके पर प्रेरकों ने मानवाधिकार दिवस मनाया। बैठक में मौजूद शबनम पठान ने कहा कि गत 14 वर्षों से प्रेरक अल्प मानदेय पर काम कर रहे हैं। इससे प्रेरकों के अधिकारों का हनन हो रहा है।

 

इसको लेकर रविवार को जिला स्तरों पर मानवाधिकार दिवस मनाया गया है। इसके बाद 24 दिसम्बर तक धरना प्रदर्शन समेत अन्य आयोजन होंगे। बैठक में रामेश्वर यादव, कमलेश पंवार, कैलाश बैरवा, ममता राव, रजनी आदि मौजूद थे।

 

मालपुरा. विश्व मानवाधिकार दिवस पर रविवार को सिकोईडिकोन की ओर से संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें महिला अधिकारों की रक्षा के बारे में जानकारी दी गई। उप जिला प्रमुख अवधेश शर्मा ने कहा कि प्रत्येक मानव के अपने मानवाधिकार है,

 

जिनका किसी भी प्र्रकार से हनन होने पर वह न्यायालय की शरण ले सकता है। एडवोकेट गीता वालिया एवं संस्था के विवेक त्रिपाठी ने सामुदायिक तंत्र के बारे में बताया। एवं संस्था के विवेक त्रिपाठी ने सामुदायिक तंत्र के बारे में बताया।

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