बघेरे ने सांड को बनाया शिकार, कई पशु बन चुके है काल का ग्रास

मण्डालिया गांवं मंगलवार की रात को अस्थायी गौशाला में बघेरा घुस गया और एक सांड को अपना शिकार बनाया।

 

निवाई. मण्डालिया गांवं मंगलवार की रात को अस्थायी गौशाला में बघेरा घुस गया और एक सांड को अपना शिकार बनाया। घटना जानकारी मिलते ही सुबह ग्रामीण गौशाला पर एकत्रित हो गए। जिसकी सूचना ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी जेपी बैरवा और रेंजर योगेंद्र सिंह को दी। सूचना मिलते ही रेंजर ने सिरस नाका प्रभारी रामवतार चौधरी को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए।

नाका प्रभारी और बीट प्रभारी रामराज मीणा मण्डालिया गांव पहुंचे और ग्रामीणों से विस्तार से चर्चा की। रमेशचंद्र गुर्जर, भंवरलाल, चतभुर्ज, कालूराम, धारासिंह, कजोड, मुकेश, शिवराज, रामकरण, राजेंद्र, मनोहर आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बाहर सूनी गायों के लिए चरागाह भूमि में एक अस्थायी गौशाला बना रखी।

जिसकी देखभाल गांव वाले करते हैं। मंगलवार की देर को एक बघेरा ने गौशाला में घुसकर सांड का शिकार किया जिससे सांड मर गया। अब यह डर बना हुआ कि बघेरा एक एक कर के सभी गायों को अपना शिकार नहीं बना ले। क्योंकि अस्थायी गौशाला में केवल तारबंदी ही हैं।

नाका प्रभारी और बीट प्रभारी ने मौके से बघेरे के आने जाने के पैरों के निशान लिए। इसके बाद पंचनामा तैयार कर पशु चिकित्सक को मौक पर बुलवाकर सांड का पोस्टमार्टम करवाया। ज्ञात रहे कि पूर्व में बघेरे ने गांव नोहटा, बस्सी, सिरस सहित आसपास के गांव में पशुओं को अपना शिकार बनाया था लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी बघेरे को नहीं पकड़ पाएं जिससे ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति रोष बड रहा हैं।

नोहटा में वन विभाग के रवैये को लेकर प्रर्दशन भी कर चुके हैं। नोहटा में कई पशु और कुत्तों को बघेरे शिकार बनाया था जिसके बाद वन विभाग द्वरा नोहटा पहाड़ी में बघेरे को पकडऩे के लिए एक पिंजरा रखवाया लेकिन विभाग ने करीब दस दिन पूर्व पिंजरे को वहां से हटा लिया हैं। ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी और क्षेत्रीय वन प्रसार अधिकारी को लिखित पत्र देकर बघेरे को पकडने की मांग की हैं।

pawan sharma Desk
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