बीसलपुर बांध: अगले मानसून तक पेयजल से मिली निजात


जलापूर्ति को लेकर जुलाई तक का पानी भरा बांध में, आवक लगातार जारी
बांध का गेज ३११.४५ आरएल मीटर, त्रिवेणी का गेज ४.३० मीटर

By: Vijay

Published: 23 Sep 2021, 06:19 PM IST


जलापूर्ति को लेकर जुलाई तक का पानी भरा बांध में, आवक लगातार जारी
बांध का गेज ३११.४५ आरएल मीटर, त्रिवेणी का गेज ४.३० मीटर
राजमहल. बीसलपुर बांध के केचमेंट एरिया मेें पडऩे वाले भीलवाड़ा व चित्तोडग़ढ़ जिलों में मानसून की मेहरबानी के चलते पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी रहने के कारण बांध में पानी की आवक भी लगातार जारी है। बीसलपुर बांध के गेज में बुधवार रात ८ बजे से लेकर गुरुवार दोपहर २ बजे तक कुल २२ सेमी पानी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। इसी प्रकार बांध के जलभराव में सहायक त्रिवेणी का गेज गुरुवार को बारिश के अभाव में ६० सेमी घटकर दोपहर २ बजे तक ४.३० मीटर रह गया है। बीसलपुर बांध परियोजना व जयपुर अजमेर पेयजल परियोजना के अभियंताओं के अनुसार बांध में भरा पानी जयपुर, अजमेर, टोंक शहरों की आबादी के साथ ही इन जिलों से जुड़े सैकड़ों गांव व कस्बों के करोड़ों लोगों के कण्ठो को तर करने के लिए अगले वर्ष जुलाई व अगस्त तक का पानी बांध में भर चुका है, जिससे पेयजल संकट को लेकर बांध परियोजना व जल स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। बांध के कन्ट्रोल रूम के अनुसार बांध का गेज बुधवार रात ८ बजे तक ३११.२३ आर एल मीटर दर्ज किया गया था, जिसमें १४.८४३ टीएमसी पानी का भराव था, जो गुरुवार सुबह ८ बजे तक १५ सेमी की बढ़ोत्तरी के साथ गेज ३११.३८ आरएल मीटर हो गया, जिसमें १५.३९२ टीएमसी पानी का भराव था। वहीं दोपहर २ बजे तक ७ सेमी की बढ़ोत्तरी के साथ ही गेज ३११.४५ आरएल मीटर दर्ज किया गया है, जिसमें १५.६४८ टीएमसी पानी का भराव हो गया है। इसी प्रकार बांध के जलभराव में सहायक भीलवाड़ा जिले के बिगोद स्थित त्रिवेणी का गेज केचमेंट एरिया में बारिश नहीं होने के कारण ६० सेमी घटकर ४.३० मीटर रह गया है। त्रिवेणी के गेज में बुधवार को हुई बढ़ोत्तरी के चलते अभी बांध में पानी की आवक लगातार जारी रहने की संम्भावना है। बांध क्षेत्र में बीते २४ घंटों के दौरान कुल २० एमएम बारिश दर्ज की गई है। वही सीजन की अब तक कुल ७४१ एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है।
बैड़च ने बढ़ाया बनास का जलस्तर-
बांध परियोजना अभियंताओं के अनुसार बांध बनने के बाद पहली बार १७ व १८ अगस्त २०१६ में २४ घंटों के दौरान सबसे अधिक पानी की आवक दर्ज की गई है, जिससे दूसरे ही दिन परियोजना को बांध के गेट खोलकर बनास में पानी की निकासी करनी पड़ी थी। इस बार मानसून की बेरुखी के कारण बांध के जलभराव में सहायक खारी व डाई नदियों में पानी की आवक की मात्रा काफी कम रही है। हालांकि बांध के निकटवर्ती पहाड़ी क्षेत्र में हुई बारिश के चलते अगस्त में मामूली पानी डाई नदी से बांध में आया है। इसके अलावा इस बार अधिकांशतर पानी चित्तोडग़ढ़ व भीलवाड़ा जिलों में हो रही बारिश के कारण बनास नदी से हो रही है। बुधवार से गुरूवार तक बांध में हुई सबसे अधिक पानी की आवक चित्तोडग़ढ़ जिले में हुई बारिश के कारण बनास की सहायक नदी बैड़च नदी से हुई है। जिससे बैड़च पर बना गम्भीरी बांध के चार गेट खोलकर की गई पानी की निकासी के चनते बनास का जलस्तर अचानक बढ़ा है।
बांध से जलापूर्ति एक नजर में-
जयपुर, अजमेर सहित टोंक पेयजल परियोजना से जुड़े अभियंताओं के अनुसार बांध से अभी जयपुर में रोजाना ४३५ एमएलडी पानी दिया जा रहा है। अजमेर में २७५ एमएलडी रोजाना , मालपुरा-झिराना व दूदू -चाकसू पेयजल परियोजना के तहत १०० एमएलडी व टोंक पेयजल परियोजना के तहत ४५ एमएलडी पानी दिया जा रहा है।

इनका कहना है-
बीसलपुर बांध का जलस्तर ३११.५० आर एल मीटर के करीब पहुंचने से जलापूर्ति के लिए अगले मानसून सत्र तक पर्याप्त पानी हो चुका है, जिससे जयपुर अजमेर व टोंक सहित इनसे जुड़े गांव व कस्बों में पर्याप्त जलापूर्ति के संकट से निजात मिली है।
सुधान्शु दीक्षित, अधीक्षण अभियंता,
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग जयपुर पेयजल परियोजना।

आर एम २४०९ सीए-राजमहल। बीसलपुर बांध में भरा पानी।

Vijay Bureau Incharge
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