बीसलपुर का गेज 311.13 आरएल मीटर, त्रिवेणी का गेज भी 4.50 मीटर हुआ

लगातार जारी बारिश के दौर को लेकर बीसलपुर बांध के गेज में बढ़ोत्तरी भी तेज होने लगी है। सहायक नदी त्रिवेणी का गेज भी बढऩे से बांध में पानी की आवक बनी हुई है। बुधवार को सुबह त्रिवेणी का गेज भी 4.50 मीटर दर्ज किया गया है। बांध में पानी की लगातार आवक बने रहने से बुधवार सुबह आठ बजे बांध का गेज 311.13 आरएल मीटर दर्ज किया गया है। बांध में अब 14.477 टीएमसी पानी का भराव हो चुका है।

By: pawan sharma

Updated: 22 Sep 2021, 08:45 AM IST

राजमहल. बीसलपुर बांध के केचमेंट एरिया में पडऩे वाले भीलवाड़ा व चित्तौडगढ़़ जिलों में मानसून की मेहरबानी के चलते पिछले तीन दिनों से लगातार जारी बारिश के दौर को लेकर बीसलपुर बांध के गेज में बढ़ोत्तरी भी तेज होने लगी है। सहायक नदी त्रिवेणी का गेज भी बढऩे से बांध में पानी की आवक बनी हुई है। बुधवार को सुबह त्रिवेणी का गेज भी 4.50 मीटर दर्ज किया गया है। बांध में पानी की लगातार आवक बने रहने से बुधवार सुबह आठ बजे बांध का गेज 311.13 आरएल मीटर दर्ज किया गया है। बांध में अब 14.477 टीएमसी पानी का भराव हो चुका है।

मंगलवार रात भर पानी की आवक बनी रहने से बुधवार को बीसलपुर बांध में गेज 311.09 से बढकऱ 311.13 आरएल मीटर पर पहुंच गया है। बांध में पानी की आवक लगातार जारी है। इसी प्रकार बांध के जलभराव में सहायक त्रिवेणी का गेज भी मंगलवार रात को 4.40 मीटर तक पहुंच गया था जो सोमवार सुबह आठ बजे बढकऱ 4.50 मीटर हो गया।

बांध के कन्ट्रोल रूम से प्राप्त जानकारी के अनुसार बांध से जयपुर, अजमेर व टोंक शहरों के साथ ही इनसे जुड़े सैकड़ों गांव व कस्बों में जलापूर्ति के लिए हो रही पानी की निकासी के बाद गेज सोमवार रात 8 बजे 311.02 आर एल मीटर दर्ज किया गया था, जिसमें 14.074 टीएमसी पानी का भराव था। जो मंगलवार रात 8 बजे 7 सेमी की बढ़ोत्तरी के साथ गेज 311.09 आरएल मीटर हो गया, जिसमें 14.330 टीएमसी पानी का भराव हो गया।

इसी प्रकार बांध के जलभराव में सहायक भीलवाड़ा जिले के बिगोद स्थित त्रिवेणी का गेज मानसून की मेहरबानी के चलते बीते 24 घंटों से 3.60 मीटर दर्ज किया गया था। जो मंगलवार सुबह तक 3.80 मीटर व दोपहर 12 बजे तक 3.90 मीटर तथा रात 8 बजे 4.40 मीटर चल रहा है। जिससे बांध में पानी की आवक जारी रहने की सम्भावना है। बांध क्षेत्र में बीते 24 घंटों के दौरान बारिश शून्य दर्ज की गई है।

गूंजा मेहमान परिंदों का कलरव

राजमहल. पिछले कुछ दिनों से बनास नदी के सहित साथ ही निकटवर्ती खेतों में भरे पानी के किनारे प्रवासी मेहमान परिंदों की अठखेलियां पर्यटकों को आकर्षित करने लगी है।
राजमहल बनास नदी की रपट सहित शिलाबारी दह, डेढ़ कांकरी, बीसलपुर पवित्र दह आदि नदी क्षेत्र के तटीय इलाकों व बनास किनारे बसे बोटून्दा, बनेडिय़ा चारणान, कवरावास गांवों के खेतों में बनी नाडिय़ों के तटीय क्षेत्र में बसे कीचडय़ुक्त छिछले पानी में इन दिनों मेहमान पक्षी कुरजां (डेमोईसेल क्रेन) व राजहंस (फ्लेमिंगो) परिंदो की कलरव ध्वनी गुंजायमान होने लगी है। कुरजां मेहमान परिंदे अधिकांशतर राज्य के बीकानेर व जोधपुर सम्भाग के फलोदी, लोर्डिया गांवों के तालाबों में नजर आते हैं। यह मेहमान परिंदे साइबेरिया से ईरान व अफगानिस्तान होते हुए हर वर्ष भारत आते हैं। छापर का तालाब व घाना पक्षी विहार भरतपुर में अधिकांशतर नजर दिखाई देते है। जो पिछले कुछ वर्षों से हर बार सर्दी का मौसम शुरू होने से पहले बीसलपुर बांध के जलभराव क्षेत्र के तटीय इलाकों व बनास नदी के किनारें पर आने लगे है। इसी प्रकार खेतों में कम गहराई वाले पानी में राजहंस की विभिन्न प्रजाति के मेहमान परिंदे नजर आने लगे है।

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