मरीजों को घर पर देखने वाले चिकित्सकों पर कसी नकेल, घर के बारह अंकित कराना होगा परामर्श शुल्क

राज्य सरकार की ओर से मरीज को परामर्श देने का शुल्क निर्धारित होने के बावजूद अधिक फीस लेने वाले चिकित्सकों के खिलाफ चिकित्सा विभाग कार्रवाई करेगा।

By: pawan sharma

Published: 07 Mar 2020, 05:39 PM IST

टोंक. राज्य सरकार की ओर से मरीज को परामर्श देने का शुल्क निर्धारित होने के बावजूद अधिक फीस लेने वाले चिकित्सकों के खिलाफ चिकित्सा विभाग कार्रवाई करेगा। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं राजस्थान के अतिरिक्त निदेशक ने आदेश जारी किए कि आवास पर मरीजों को परामर्श देने वाले चिकित्सक को शुल्क की रसीद देनी होगी।

इतना ही नहीं सरकार की ओर से निर्धारित शुल्क की तख्ती भी उन्हें आवास के बाहर लगानी होगी। ताकि मरीज को पता चल सके कि चिकित्सक से परामर्श लेने का शुल्क क्या है। जबकि अब तक ये होता आया है कि अस्पताल समय के बाद आवास पर चिकित्सक मरीजों को परामर्श देते हैं।

वे मरीज से शुल्क तो लेते हैं, लेकिन उन्हें रसीद नहीं देते हैं। विभाग को शिकायत मिली कि कई चिकित्सक तो राज्य सरकार से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि मरीज से ले रहे हैं। इसमें दिन व रात के समय परामर्श देने की शुल्क तक अलग-अलग बनाई हुई है। ऐसे चिकित्सकों के खिलाफ विभाग ने नकेल कसनी शुरू की है। ताकि मरीजों पर अधिक भार नहीं पड़े।


अलाउंस के बावजूद प्रेक्टिस भी
सरकार की ओर से नॉन प्रेक्टिस वाले चिकित्सकों को मूल वेतन के अलावा 20 प्रतिशत वेतन दिया जाता है। इसके बावजूद टोंक में नॉन प्रेक्टिस अलाउंस लेने वाले चिकित्सक भी घरों में प्रेक्टिस कर रहे हैं। उन्हें हर महीने में कोष कार्यालय से मूल वेतन के साथ 20 प्रतिशत अलग से अलाउंस मिल रहा है।

इससे जहां राजकोष को नुकसान हो रहा है। वहीं नियमों की भी धज्जियां उड़ रही है। कई प्रेक्टिस वाले चिकित्सकों ने तो घर में ही नियम विरुद्ध चिकित्सालय खोल लिए हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि इनमें विभिन्न प्रकार की जांच तक हो रही है। कोष कार्यालय के मुताबिक नॉन प्रेक्टिस वाले सआदत अस्पताल के 24 चिकित्सक हैं। चिकित्साकर्मियों का दावा है कि इनमें से कई अस्पताल के बाद घर पर प्रेक्टिस करते हैं। जबकि वे अलाउंस ले रहे हैं तो प्रेक्टिस नहीं कर सकते।


अस्पताल में कम, घर पर ज्यादा
सआदत अस्पताल के अधिकतर चिकित्सक घर पर प्रेक्टिस करते हैं। वे जितने चिकित्सालय में रोगियों को परामर्श देते हैं। उससे कई अधिक घरों पर मरीजों को देखते हैं। दोपहर में चिकित्सकों के घर परिसर में मरीजों की कतार लगती रहती है।

अगर ऐसा है तो शिकायत करे
विभाग के आदेशों की पालना करवाई जाएगी, जो चिकित्सक नॉन प्रेक्टिस अलाउंस ले रहे है वह प्रेक्टिस नहीं कर सकता। ऐसा अगर कोईकर रहा है तो उसकी शिकायत मिलनी चाहिए। उसके खिलाफ कार्रवाईकी जाएगी।
- डॉ. नवीन्द्र पाठक, पीएमओ सआदत अस्पताल टोंक

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