परिवार सहित खुद हो चुके है कोरोना संक्रमित,स्वस्थ होने के बाद फिर से दे रहे है ड्यूटी

परिवार सहित खुद हो चुके है कोरोना संक्रमित,स्वस्थ होने के बाद फिर से दे रहे है ड्यूटी

 

By: pawan sharma

Published: 16 Dec 2020, 10:34 AM IST

टोंक. जिले में कोरोना संक्रमण की चपेट में आए सीएमएचओ व पीएमओ सहित कोरोना के फ्रंट लाइन वॉरियर्स के रूप में काम कर रहे करीब तीन दर्जन चिकित्सक व पांच दर्जन नर्सिेगकर्मी स्वस्थ होकर वापस अपनी सेवाएं देने में जुटे हुए है। खास बात ये कि इनमें से कई तो परिवार सहित कोरोना संक्रमित हो चुके है। टोंक सआदत अस्पताल में स्थापित किए गए कोविड-19 सेन्टर व अस्पताल में कार्यरत अब तक दो दर्जन चिकित्सक व नर्सिेगकर्मी कोरोना से संक्रमित हो चुके है। जो स्वस्थ होकर वापस अपनी सेवाएं दे रहे है।

इसी तरह आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कोरोना संक्रमितों की देखभाल में लगे वार्ड ब्वाय व स्वीपर भी कोरोना संक्रमित हो चुके है। इनके स्वस्थ होने के बाद फिर से ये काम पर लौट आए है। कोविड-19 सेन्टर में कार्यरत चिकित्सक व नर्सिेगकर्मियों को रोजना आठ से 10 घंटे ड्यूटी देना पड़ रही है। लगभग 300 से 400 सेम्पलों का रिकार्ड ऑनलाईन संधारण किया जा रहा है।

स्टॉफ के अभाव में कभी-कभी कम्फ्यूटर आपरेटर का कार्य भी चिकित्सकों को करना पड़ता है। साथ ही एक रिपोर्ट को मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाईन करने पर दो से ढ़ाई मिनट का समय लगता है। ऐसे में चार जने इसी कार्य में व्यस्त रहते है। सआदत अस्पताल में बने कोविड-19 सेन्टर में अब तक 55 हजार के करीब कोरोना के सेम्पल लिए जा चुके है।

पत्नी व बच्चे भी हुए संक्रमित
टोंक सआदत अस्पताल में संचालित कोविड-19 सेन्टर में ड्यूटी पर तीन चिकित्सक पत्नी व बच्चों सहित कोरोना संक्रमित हो चुके है। कोरोना संक्रमित हुए वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सक ने बताया कि संक्रमण काल में भी उन्होंने मरीजों को मोबाइल पर उपचार व परामर्श देना जारी रखा। ताकि उन्हें भी अस्पताल नहीं आने पड़े। वहीं कोरोना एडवायजरी का पालन करने की हिदायत भी दी। तथा अब भी नियमित रूप से अस्पताल जा रहे है। चिकित्सकों का कहना है कि गाइडलाइन की पालन कर कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है। ऐेसे में सभी को इसकी पालना करनी चाहिए।

फिर से उठने लगी अलग रखने की मांग
कुछ दिनों से कोरोना संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए सआदत अस्पताल स्थित कोविड-19 सेन्टर व आईसोलेशन वार्ड में कार्यरत हर दिन अपनी जान हथेली पर रख इस वायरस से लड़ रहे कर्मचारियों ने पीएमओ से मागं करी की परिवार की सुरक्षा के लिए उन्हे पहले की तरह उनके रहने के लिए सआदत अस्पताल के नजदीक ही डाक बग्ला या सर्किट हाउस में व्यवस्था की जाए जिससे आवश्यकता पडऩे पर तुरंत वो अस्पताल पहुंच सके। लेकिन उनकी इस बात की ओर अभी तक कोई ध्यान नही दिया गया है।

ये थी पहले व्यवस्था
कोरोना फ्रंट लाइन वॉरियर्स के परिवार व क्षेत्र के लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए पूर्व में राज्य सरकार के आदेशों की पालना में कोरोना फ्रंट लाइन वॉरियर्स के रहने व खाने की व्यवस्थाएं जिला प्रशासन द्वारा अधिग्रहण किए गए होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाओं में की गई थी।

उस दौरान सआदत अस्पताल के चिकित्सक लेब टेक्नीशियन सहित 20 नर्सिगकर्मियों की टीम दो महीने तक परिवार से दूर रह कर कोरोना संक्रमितों की देखभाल व सेम्पल संग्रहण में लगी हुई थी। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने पर सभी कोरोना फं्रट लाइन वॉरियर्स भी पहले की तरह ही ड्यूटी खत्म करके अपने घर पर रहने लगे थे। जो अब तक जारी है।

pawan sharma
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