सर्दी से सिकुड़ी खीरा, फसलें सफेद पडकऱ हो रही नष्ट

सर्दी से सिकुड़ी खीरा, फसलें सफेद पडकऱ हो रही नष्ट

By: pawan sharma

Updated: 10 Jan 2021, 05:53 PM IST

राजमहल. कस्बे सहित आस-पास के क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से कोहरे व बादलों के साथ ही शीत लहर का प्रकोप शुक्रवार को भी जारी रहा। शील लहर के कारण बनास में खीरा ककड़ी के पौधे शीत लहर की चपेट में आने से सफेद पडकऱ सिकुड़ गए है। बनास की बाडिय़ों में पौधो की हालत देखकर किसानों की आंखों से आंसु छलक पड़ते है। कभी कोरोना का काल तो कभी बनास का घटता भू-जलस्तर के साथ ही इन दिनों शीत लहर के प्रकोप से फसलें गलने लगी है।

उल्लेखनीय है कि बीसलपुर बांध के डाऊन स्ट्रीम के पवित्र दह से लगाकर सतवाड़ा तक लगभग 7 किमी की दूरी तक राजमहल, बोटून्दा, डेढ़ कांकरी, पातलिया, नयागांव, सतवाड़ा आदि क्षेत्र की लगभग 400 बीघा भूमि में पेटा कास्तकार लाखों रुपए खर्च कर खीरा ककड़ी, कद्दू , लौकी, टमाटर, जुगनी, के साथ ही मिर्च व करेले की फसलें लगाते है, जिसमें कास्त का खर्च खीरा ककड़ी, लौकी व कद्दू की फसल के भरोसे रहता है।

वहीं मिर्च व करेले से मुनाफा कमा लेते है। इस बार फिर से बनास के टूटते जलस्तर के साथ ही किसान आंदोलन के चलते दिल्ली में तैयार खीरा ककड़ी नहीं पहुंचने से किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। वहीं दिल्ली का मार्ग खुलने के बाद क्षेत्र में बदले मौसम के मिजाज के कारण शीत लहर ने खीरा ककड़ी के पौधो को झकझोर कर रख दिया है।

अब किसानों के सामने खर्चा निकालने के लिए करेले व मिर्च की फसल पर आश्रित रहना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि बीते दो वर्ष से नुकसान उठाना पड़ रहा है गत वर्ष कोरोना के चलते लॉक डाउन से फसलें बाडिय़ों में ही सड़ गई थी। इस बार मुनाफे की उम्मीद जगी थी, लेकिन किसान आंदोलन के बाद शीत लहर ने फसल ही चौपट करके रख दी है। अब अंकुरित मिर्च व करेले की फसल से खर्च निकलने की सम्भावना है।

किसानों को सताने लगा पाले का डर
नगरफोर्ट. कस्बे सहित क्षेत्र में बीते 3 दिनों से मौसम में हुए बदलाव से किसानों की चिंता भी बढऩे लगी है। शुक्रवार को दिन भर कोहरा छाया रहने के कारण फसलों पर पाला पडऩे की संभावना भी बढ़ गई है। कस्बे सहित क्षेत्र में एक डेढ़ माह पूर्व बोई गई सरसों , चने की फसल खेतों में लहललाने लगी है। वहीं गेहूं, जौ सहित अन्य फसलें भी बढऩे लगी है।

दूसरी ओर जनवरी का पहला पखवाडा होने के साथ ही ठंड का असर तेज होने लगा है। तथा पाला पडऩे की संभावना भी बढ़ रही है। क्षेत्र के किसान महावीर चांगल, महेंद्र सैनी, ओम प्रकाश सैनी, रामलाल जाट, भवानी शंकर चोपड़ा, विनोद धाकड़ सहित अन्य किसानों ने बताया कि क्षेत्र में लगातार 3 दिन से कोहरा छाया हुआ है। जिसके कारण फसलों में पाला पडऩे की संभावना नजर आ रही है। अगर मौसम ऐसे ही बना रहा तो किसानों की फसलें चौपट होने का अंदेशा रहेगा।

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