अटक गया गांव का विकास, शौचालय बनवाने के लिए ग्राम पंचायतों से करा दिया भुगतान

नम्बर बढ़ाने तथा भुगतान करने की जल्दबाजी में जिला परिषद ने ग्राम पंचायतों की जेबें ही खाली करा दी

By: pawan sharma

Published: 18 Aug 2017, 07:25 AM IST

टोंक.

शौचालय बनवाने में नम्बर बढ़ाने तथा भुगतान करने की जल्दबाजी में जिला परिषद ने ग्राम पंचायतों की जेबें ही खाली करा दी। अब हालत ये हो गई कि पंचायत छोटा सा कार्य कराने में तंगी का सामना कर रही है। जबकि पहले प्रत्येक पंचायत के पास तीन मदों में राशि रहती थी। इस राशि से वे गांवों में विकास कार्य करा लेते थे, लेकिन जिला परिषद ने स्वच्छ भारत के तहत शौचालय बनवाने का ग्राम पंचायतों से भुगतान करा दिया। ऐसे में पंचायतें अब राशि के लिए मुंह ताक रही है। सरपंच आए दिन बजट की मांग कर रहे हैं, लेकिन जिला परिषद के अधिकारी राशि नहीं होने पर उन्हें जवाब भी नहीं दे रहे हैं।

 

इन मदों से किया
दरअसल जिले में बने १२ हजार ५०० शौचालय का भुगतान १५ करोड़ रुपए लाभार्थी के खाते में ऑन लाइन डालने के आदेश गत दिनों जिला परिषद ने ग्राम पंचायतों को दे दिए। इसके तहत ग्राम पंचायतों ने एसएफसी, टीएफसी तथा अनटाइटल फंड से इसका भुगतान कर दिया। जबकि इसी फंड से वह विकास कार्य कराती थी।

 


यूं अटक गई राशि
नियमों के मुताबिक शौचालय बनवाने वाले लाभार्थी को जिला परिषद स्वच्छ ऑन लाइन भुगतान करती है, लेकिन ये भुगतान जिला परिषद ने ग्राम पंचायतों से करा दिया और उपयोगिता प्रमाण-पत्र भी जारी कर सरकार को भेज दिया। अब केन्द्र सरकार ने ये राशि देने से मना कर दिया। जबकि उपयोगिता प्रमाण-पत्र नहीं भेजा जाता तो बजट मिल सकता था, लेकिन बिना इस प्रमाण-पत्र के भी लाभार्थी को ग्राम पंचायत भुगतान नहीं कर सकती थी। ऐसे में ये राशि अटक गई है।

 


अब ये होगा
गत अप्रेल से अब तक जिलेभर में ७ हजार २५५ शौचालय बनवाए गए हैं। इसके लिए २३ करोड़ ८४ लाख ७३ हजार रुपए का भुगतान किया जाएगा। जिला परिषद शौचालय बनवाने वाले लाभार्थी के खाते में १२ हजार रुपए का भुगतान करती है।

 

 

चाहकर भी नहीं कर सकते
जिला परिषद ग्राम पंचायतों को चाहकर भी इन १५ करोड़ रुपए का भुगतान नहीं कर सकती। इसका कारण है कि शौचालय निर्माण की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में आती है। ऐसे में केन्द्र सरकार राशि भी जारी करेे तो वह एक बार फिर लाभार्थी के ही खाते में आएगी। हालांकि जिला परिषद इसका कोई रास्ता निकालने में जुटी है। इसके लिए वे जिला कलक्टर के माध्यम से केन्द्र सरकार को पत्र भेज रहे हैं।

 

प्रक्रिया चल रही है
ये सही है कि अन्य मदों से भुगतान करा दिया गया, लेकिन ग्राम पंचायतों को भुगतान कराने की प्रक्रिया चल रही है। जिला कलक्टर के माध्यम से पत्र भेजा जाएगा। ताकि ग्राम पंचायतों को भुगतान किया जा सके।
सत्यनारायण चौधरी, जिला प्रमुख, टोंक

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