छह माह से रिक्त दूनी तहसीलदार का पद, देवली तहसीलदार के पास है कार्यभार

विगत कई माह से रिक्त चल रहे दूनी तहसीलदार पद के चलते छोटे-छोटे राजस्व कार्यो को लेकर क्षेत्र के किसानों एवं ग्रामीणों को भटकना पड़ रहा है, हालांकि देवली तहसीलदार दूनी का अतिरिक्त कार्यभार संभाले हुए है ।

By: pawan sharma

Updated: 27 Jun 2021, 05:36 PM IST

दूनी. विगत कई माह से रिक्त चल रहे दूनी तहसीलदार पद के चलते छोटे-छोटे राजस्व कार्यो को लेकर क्षेत्र के किसानों एवं ग्रामीणों को भटकना पड़ रहा है, हालांकि देवली तहसीलदार दूनी का अतिरिक्त कार्यभार संभाले हुए है, लेकिन दोनों तहसीलों की तीन दर्जन से अधिक पंचायतों के लोगों के समय पर कार्य नहीं होने से राहत नहीं मिल पा रही है।

उल्लेखनीय है की दूनी तहसील कार्यालय में विगत छह माह से तहसीलदार का पद रिक्त होने से क्षेत्र के करीब बाइस पंचायतों के किसानों एवं ग्रामीणों को छोटे-छोटे राजस्व कार्यो को लेकर दूनी से देवली तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे है। हालांकि देवली तहसीलदार सर्वेश्वर निम्बार्क के पास दूनी का अतिरिक्त कार्यभार होने से किसानों एवं ग्रामीणों के कार्य सम्पन्न तो हो रहे है, लेकिन उन्हें कार्य में अधिक समय लगने एवं धन भी खर्च होने से उन्हें भारी परेशानी से गुजरना पड़ रहा है।

गौरतलब है की विगत दिनों दूनी न्यायालय एवं तहसील के बीच मार्ग के विवाद के बाद विभाग ने 25 जनवरी को तत्कालीन तहसीलदार विनिता स्वामी को एपीओ कर मुख्यालय जयपुर किया था, इसके बाद से दूनी में तहसीलदार का पद रिक्त है।सभी लोगों के कार्य हो रहे हैतहसील में आने वाले सभी लोगों का कार्य हो रहा है, उनके पास दो तहसीलों का कार्यभार है ऐसे में थोड़ी परेशानी आती है। वैसे राजस्थान में 600 से 200 ही तहसीलदार है सभी जगह नायब तहसीलदार ही कार्य संभाल रहे है।-सर्वेश्वर निम्बार्क कार्यवाहक तहसीलदार,

फार्मासिस्ट पदों पर की जाए भर्ती

टोंक. फार्मासिस्ट के 4105 पदों पर भर्ती निकालने की मांग को लेकर राजस्थान एनएचएएम फार्मासिस्ट एसोसिएशन पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी को सौंपा। इसमें बताया कि मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना में दो तिहाई से अधिक दवा वितरण केंद्रों पर फार्मासिस्ट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट का उल्लंघन हो रहा है। इससे मरीजों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 के बाद से फार्मासिस्ट की नियमित भर्ती नहीं हुई है।

जबकि प्रदेश में 25 हजार से अधिक बेरोजगार फार्मासिस्ट पदों पर आस लगाए बैठे हैं। जबकि कांग्रेस के जनघोषणा पत्र के अनुसार राज्य के संविदा फार्मासिस्ट एवं बेरोजगार को नियमित सरकारी नौकरी मिल सके। ज्ञापन देने वालों में यशवंत राय, मनीष कुमार, नवीन सैन, मुकेश, चन्द्रप्रकाश, उदय कंवरिया आदि शामिल थे।

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