सिंचाई के लिए बीसलपुर का पानी मिलना होगा मुश्किल, पहली प्राथमिकता होगी पेयजल आपूर्ति

सिंचाई के लिए बीसलपुर का पानी मिलना होगा मुश्किल, पहली प्राथमिकता होगी पेयजल आपूर्ति

pawan sharma | Publish: Feb, 15 2018 03:39:05 PM (IST) Tonk, Rajasthan, India

बीसलपुर बांध के पानी का उपयोग पहली प्राथमिकता में पेयजल के लिए किया जाएगा। पानी बच गया तो ही सिंचाई होगी।

 

टोंक. प्रदेश की लाइफ लाइन कहे जाने वाले बीसलपुर बांध से राजधानी जयपुर समेत अन्य जिलों में बढ़ती जलापूर्ति की मांग को देखते हुए बांध से होने वाली सिंचाई भविष्य में पर बेक्र लगने की आशंका मंडराने लगी है। बजट घोषणा के बाद बीसलपुर बांध परियोजना ने जयपुर के लिए पानी बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं टोंक-देवली-उनियारा परियोजना का काम पूरा हो गया तो बीसलपुर बांध से पानी खपत और बढ़ जाएगी। ऐसे में बांध से सिंचाई के लिए पानी दे पाना मुश्किल होगा। इस बात को अभियंता भी स्वीकारने लगे हैं।

 

 

दूसरी ओर प्रशासन राजधानी जयपुर को जलापूर्ति कराने की जल्दबाजी तो कर रहा है, लेकिन टोंक, देवली व उनियारा शहर व उसके गांवों की जलापूर्ति पर लापरवाही बरत रहा है। टोंक-देवली-उनियारा परियोजना का काम शुरू हुए चार साल गुजर गए, लेकिन ये पूरा नहीं हो रहा है। ऐसे में तीनों ब्लॉक तथा उसके गांवों के लोगों को जलापूर्ति के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 

 

 

सीमित है पानी
बांध का गेज 315.50 आरएल मीटर ही है। इसके पूर्ण रूप से भरने के बाद 8 टीएमसी पानी से जिले की 81 हजार 800 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई की जाती है, लेकिन गत वर्ष बारिश कम होने से बांध पूर्णरूप से नहीं भरा। किसानों की मांग पर प्रशासन ने 6 टीएमसी पानी छोड़ा था। सिंचाई, वाष्पीकरण, जयपुर, अजमेर तथा टोंक जिले को हो रही जलापूर्ति के बाद मंगलवार को बांध का गेज 311.67 आरएल मीटर बचा है। इसमें 16.453 टीएमसी पानी है। जयपुर की जलापूर्ति बढ़ाने के बाद अजमेर व टोंक को दिए जाने वाले पानी से बांध का गेज तेजी गिरेगा। इससे सिंचाई के लिए पानी छोडऩा मुश्किल लग रहा है।

 

 

अभी जयपुर में
भी पर्याप्त नहीं: बीसलपुर बांध से जयपुर को फिलहाल 585 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है। इससे जयपुर की 35 प्रतिशत आबादी की ही प्यास बुझ पा रही है। जबकि 1100 एमएलडी पानी की आपूर्ति के बाद जयपुर शहर में पेयजल की कमी नहीं होगी।

 

 


दो गुना होगी राजधानी की आपूर्ति
बीसलपुर बांध परियोजना के सूरजपुरा प्लांट से फिलहाल जयपुर को 585 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है। ये आपूर्ति बढ़ाने के लिए समीप ही एक और प्लांट बनाया जाएगा। जयपुर के बालावाला प्लांट तक एक और नई पाइप लाइन डाली जाएगी। इसके बाद ये आपूर्ति 1100 एमएलडी कर दी जाएगी।

 

 

इनकी जरूरत नहीं हो रही पूरी

बीसलपुर बांध से टोंक, देवली व उनियारा को फिलहाल 15 एमएलडी जलापूर्ति की जा रही है। जबकि जरूरत दो गुना अधिक है। जिला मुख्यालय को जरूरत को 25 एमएलडी पानी की है, लेकिन मिल रहा 12 एमएलडी ही है। इसमें भी निजी स्रोत शामिल हैं।

 

 

पेयजल आपूर्ति पहली प्राथमिकता
बीसलपुर बांध के पानी का उपयोग पहली प्राथमिकता में पेयजल के लिए किया जाएगा। पानी बच गया तो ही सिंचाई होगी। जयपुर की जलापूर्ति कुछ महीनों में 585 से बढ़ाकर 1100 एमएलडी कर दी जाएगी।
आर. सी. कटारा, अधिशासी अभियंता, बीसलपुर बांध परियोजना

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned