रामलीला मंचन के लिए टोंक के प्रथम चेयरमैन रहे ईदमोहम्म्द ने कराया रंगमंच का निर्माण

रामलीला मंचन के लिए टोंक के प्रथम चेयरमैन रहे ईदमोहम्म्द ने कराया रंगमंच का निर्माण

 

By: pawan sharma

Published: 17 Oct 2020, 08:53 PM IST

पवन शर्मा

टोंक रियासत काल से ही टोंक गंगा-जमुनी व हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिए जाना जाता रहा है। इसके कई प्रमाण आज भी मौजूद है। इसी कड़ी में शहर के प्रतिष्ठित व सनातनधर्मी वरिष्ठ कर सलाहकार स्व. सीताराम अग्रवाल के एक छोटे से निवेदन पर नगर परिषद के तात्कालीन चेयरमैन रहे स्व.ईदमोहम्मद ने सन् 1967 में गांधी पार्क में रामलीला रंगमंच का निर्माण करवा साम्प्रदायिक सौहार्द का परिचय दिया।

इतना ही नही ईदमोहम्मद के इंतकाल के बाद भी इनके पुत्र सेठ निजामुदद्ीन व पौत्र दो बार नगर परिषद चेयरमैन रहे मोहम्म्द अजमल व मोईनुदद्ीन निजाम की ओर से आज भी रामलीला के अलावा शारदीय पूर्णिमा पर टोंक से डिग्गी कल्याण के लिए जाने वाली विशाल पदयात्रा व अन्य प्रकार के आयोजनों पर मदद की जाती है। रगंमंच निर्माण के बाद सन 1967 से यहां पर कई उतार-चढ़ाव के बीच हर शारदीय नवरात्र में भगवान राम की नौ दिनों तक लीलाओं का मंचन किया जाता रहा है।


पहली बार रगंमंच पर पसरा सन्नाटा
51 साल पहले 1969 में शहर के गांधी पार्क स्थित रामलीला रंगमंच पर शारदीय नवरात्र में शुरू की गई भगवान राम की लीलाओं के मंचन पर इस बार कोरोना का ग्रहण लग गया है। इस कारण नो दिन तक चलने वाली भगवान राम की लीलाओं के कारण रहने वाली चहल-पहल की जगह रगंमंच व मैदान पर सन्नाटा पसरा हुआ है।


उल्ल्ेखनिय है कि टोंक में रामलीला एवं दहशरा महोत्सव समिति व नगर परिषद ओर से इसका आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता रहा है। साथ ही राम-सीता विवाह के दिन राम बारात व दशहरा पर यज्ञ के बालाजी से रवाना होकर शोभायात्रा के रूप में रामजी जी सेना रावण दहन स्थल पर अहंकारी रावण के साथ कुंभकर्ण, मेघनाद व लंका के पुतलों के दहन आदि का आयोजन किया जाता रहा है।


रावण दहन पर चल रही है चर्चा
रामलीला एवं दशहरा महोत्सव समिति से जुड़े हुए मिथलेश गर्ग व रोहिताश्व कुमावत ने बताया कि विश्वव्यापी महामारी कोरोना के कारण सरकार की ओर से सभी बडे धार्मिक व अन्य समारोह पर रोक लगाई हुई है। इनके संचालन को लेकर सरकार की ओर से कोई गाइडलाइन भी जारी नही की गई है। इधर नगर परिषद आयुक्त सचिन यादव ने बताया कि दशहरा पर रावण दहन की परंपरा को निभाने के लिए जिला कलक्टरए नगर परिषद सभापति व शहर के लोगों के मध्य वार्ता का दौर जारी हैए जल्द ही एक-दो दिन में इस पर निर्णय कर लिया जाएगा।


देखने के लिए बाजार में छतों पर रहती है भीड़
दशहरा के अगले दिन भरत मिलाप व रामराज्याभिषेक का भव्य आयोजन किया जाता है। जिसके लिए शहर के मंशापूर्ण महादेव व यज्ञ के बालाजी मंदिर परिसर से भगवान राम दरबार की बैड.बाजों की मधूर धूनों पर शाही लवाजमें के साथ शोभा यात्रा निकाली जाती है। शोभायात्रा के बड़ा कु्आं क्षेत्र में पहुंचने पर मंच भरत मिलाप का समारोह आयोजन किया जाता है।

शोभा यात्रा यहां से रवाना होकर जवाहर बाजारए काफला बाजारए सुभाष बाजार होते हुए देर रात तक शहर के ह्दय स्थल घंटाघर पहुंचने पर बनए गए विशाल मंच पर भगवान राम का राज्याभिेषेक कर राम दरबार सजाया जाता है। भरत मिलाप व राज्याभिषेक देखने के लिए दोनों ही जगह देर रात तक बाजार में मकानों व दूकानों की छतों पर शहर सहित हजारों की तादाद में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए महिला-पुरूष सहित बच्चें भी इस पावन आयोजन के साक्षी बनते है। लेकिन कोराना महामारी के कारण इस वर्ष सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन की पालना में सभी आयोजनों को रद्द करना पड़ा है।

pawan sharma
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