सदियों पुराने मंदिर से जुड़ी है आस्था

टोंक. पुरानी टोंक गढ़ स्थित प्राचीन बाराही माता मंदिर में नवरात्र में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। यह मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है। टोंक में रही राजपुताना रियासत के दौर में ही मंदिर का निर्माण कराया गया था। इस मंदिर की कई मान्यता सदियों से चली आ रही है।

By: jalaluddin khan

Published: 14 Oct 2021, 07:48 PM IST

सदियों पुराने मंदिर से जुड़ी है आस्था
टोंक. पुरानी टोंक गढ़ स्थित प्राचीन बाराही माता मंदिर में नवरात्र में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। यह मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है। टोंक में रही राजपुताना रियासत के दौर में ही मंदिर का निर्माण कराया गया था। इस मंदिर की कई मान्यता सदियों से चली आ रही है।


मंदिर में हाजरी लगाकर श्रद्धालु कई मन्नते मांगते हैं। यहां के बुजुर्ग हनुमानसिंह सोलंकी ने बताया कि माता के मंदिर की सीढिय़ों पर पानी फैलाकर लोग अपने शरीर पर लगाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस पानी से चर्म रोग यानी दाद-खाज खुजली में आराम मिलता है। ऐसे में यहां श्रद्धालु आते रहते हैं।


उनका कहना है कि पहले यह मंदिर रसिया की छतरी के नीचे पहाड़ पर था। कई सदियों पहले मराठा और मुगलों के बीच हुए युद्ध के चलते माता की प्रतिमा को पहाड़ से लाकर गढ़ के पास स्थापित किया गया था। हनुमानसिंह के अनुसार मंदिर में कभी चोरी नहीं हुई। ऐसा मानना है कि चोर कभी मंदिर की सीढ़ी तक नहीं चढ़ पाए। नवरात्र में मंदिर में रामायण, दुर्गा पाठ व जागरण का आयोजन होता है।

नवरात्र में माता की हो रही विशेष पूजा
शारदीय नवरात्र में माता के मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। अंतिम नवरात्र पर गुरुवार को माता मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। वहीं डांडिया का भी आयोजन किया गया। नवरात्र को लेकर मंदिरों में सजावट की गई और विशेष पूजा का दौर जारी रहा।


पुरानी टोंक गढ़ स्थित बाराही माता मंदिर में छप्पन भोग की झांकी सजाई गई। माता का भी विशेष शृंगार किया गया। गढ़ परिवार के हनुमान सिंह सोलंकी ने बताया कि माता के मंदिर में विशेष पूजा अचर्ना कर झांकी सजाई गई। इसी प्रकार शहर के अन्य मंदिरों में भी आयोजन किए गए।


प्रतीकात्मक रावण का दहन किया जाएगा
रामकृष्ण मंदिर (सेठ रामगोपाल मांगीलाल स्टेट) की ओर से कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष भी दशहरे के अवसर पर प्रतीकात्मक रावण का दहन किया जाएगा।

ट्रस्ट के राजीव बंसल एवं मणिकांत गर्ग ने बताया कि इस बार कोरोना की गाइड लाइन को देखते हुए शोभायात्रा नहीं निकाली जा रही है। गांधी खेल मैदान में प्रतीकात्मक रूप से रावण दहन किया जाएगा।

jalaluddin khan Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned