सरकारी खरीद केंद्र पर नहीं आए किसान, 70 फीसदी  पहले ही बेच चुके  फसल

सरकारी खरीद केंद्र पर नहीं आए किसान, 70 फीसदी पहले ही बेच चुके फसल

 

By: pawan sharma

Published: 20 Nov 2020, 04:29 PM IST

निवाई.राज्य सरकार किसानों को विभिन्न प्रकार की योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित करने का ढिंढोरा पीटती है, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। इसकी एक झलक समर्थन मूल्य पर किसानों के साथ छलावा करना है। करीब ढाई माह से कृषि मंडी समिति में लगातार मूंगफ ली, मूंग और उदड़ की आवक जारी है, लेकिन राज्य सरकार के निर्देशों पर राजफैड द्वारा बुधवार को सर्मथन मूल्य का खरीद केंद्र शुरू किया है।

प्रथम दिवस पर एक भी किसान अपनी फ सल खरीद केंद्र पर बेचने नहीं आए। राजफैड ने सर्मथन मूल्य पर निवाई, सिरस व पलेई में खरीद केंद्र शुरू किए है, लेकिन अब तक किसान करीब 70 फ ीसदी मूंगफ ली उदड़ और मूंग की फसल बेच चुके है। अधिकतर किसान फसल तैयार होते ही मंडियों में फसल बेच देते है, जिससे खरीद केंन्द्रों पर औपचारिकता ही रह जाती है।

कृषि मंडी में किसानों द्वारा करीब ढाई माह में अब तक के भीतर 48074 क्विंटल मूंगफ ली तथा 899 क्विंटल उदड़ बेच चुके और कृषि मंडी में बुधवार को करीब 6 हजार बोरी मूंगफ ली की आवक रही। इस बार राज्य सरकार ने मूंगफ ली का 5275 रुपए प्रति क्विंटल सर्मथन मूल्य तय किया है।

मूंग का 7196 रुपए तथा उदड़ का 6000 रुपए समर्थन मूल्य तय किया। कृषि मंडी में मूंगफ ली 4500 रुपए से 5200 रुपए तक बिक रही है।कृषि मंडी सचिव क्रांतिचन्द्र मीणा ने बताया कि बुधवार से समर्थन मूल्य पर निवाई, पलेई और सिरस में राजफैड द्वारा 90 दिन के लिए सरकारी खरीद शुरू हो गए।

किसानों को 31 रुपए देकर क्रय-विक्रय सहकारी समिति, ग्राम सेवा सहकारी समिति तथ ई मित्र पर ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा, जिस किसान के नाम खसरा गिरदावरी हुई है। उसी के नाम से जन आधार या बैंक पास बुक के आधार पर पंजीयन होगा और एक किसान अधिकतम 25 क्विंटल जिंस सर्मथन मूल्य पर बेच सकता है।

pawan sharma
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