ऐप से पंजीयन पर पहले मिलेगा उपचार, भीड़ में लग कर नहीं लेनी होगी पर्ची, अस्पताल में खुलेंगे फास्ट ट्रेक काउंटर

ऐप से पंजीयन पर पहले मिलेगा उपचार, भीड़ में लग कर नहीं लेनी होगी पर्ची, अस्पताल में खुलेंगे फास्ट ट्रेक काउंटर

Pawan Kumar Sharma | Publish: Apr, 15 2019 07:35:58 PM (IST) Tonk, Tonk, Rajasthan, India

इस काउंटर से उन्हीं मरीजों को तत्काल पर्ची मिलेगी, जिन्होंने ऐप से पंजीयन कराया है।

 

टोंक. सआदत अस्पताल में कतार में खड़े होकर उपचार पर्ची लेने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। चिकित्सा विभाग ने इन मरीजों को राहत देने के लिए एक ऐप बनाया है।

 

इस ऐप से पंजीयन कराने पर मरीजों को कतार में लगकर पर्ची नहीं नहीं लेनी पड़ेगी। बल्कि उनके लिए अस्पताल परिसर में ही अलग से फास्ट ट्रेक काउंटर खोला जाएगा।

 

इस काउंटर से उन्हीं मरीजों को तत्काल पर्ची मिलेगी, जिन्होंने ऐप से पंजीयन कराया है। तेज गर्मी के चलते इन दिनों रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। प्रति दिन आउट डोर 1582 चल रहा है।

 

ऐसे में मरीजों तथा उनके परिजनों को उपचार पर्ची लेने के लिए कतार में लगना पड़ता है। आईएचएमएस परियोजना के नोडल अधिकारी डॉ. खेमराज बंशीवाल ने बताया कि अस्पताल में बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए आरोग्य ऑन लाइन प्रोजेक्ट के स्थान पर एकीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली (आईएचएमएस) के नाम से नया प्रोग्राम शुरू किया है।

 

इसके तहत मरीजों को मोबाइल फोन के माध्यम से पंजीकरण की सुविधा है। इसके लिए पहले ऐप डाउनलोड करना होगा। इस ऐप से ही पंजीयन होगा। इन मरीजों के लिए अस्पताल परिसर में ही अलग से पर्ची काउंटर खोला जाएगा।

 


ये पंजीयन भामाशाह तथा आधार कार्ड नम्बर से होगा। पंजीयन के बाद मरीज को काउंटर पर महज नाम ही बताना होगा। उन्होंने बताया कि ये ऐप मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, उपजिला अस्पताल, सामूदायिक स्वाथ्य केन्द्र तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर लागू किया जाएगा।

 

फिलहाल इसे मेडिकल तथा जिला अस्पताल में ही चालू करने की तैयारी है। इसके साथ ही सुविधा ये भी होगी मरीज जिस चिकित्सक को दिखाना चाहता है, उसके नाम की पर्चीमिलेगी। चिकित्सक भी इसकी जांच करेगा कि कौन मरीज उसे दिखाना चाहता है।

 

इसके लिए चिकित्सक को एसएसओआईडी से ओपीडी में चेक इन और चेक आउट करना होगा। इसके बाद सम्बन्धित के नाम से पर्चीकटनी बंद हो जाएगी। उन्होंने बताया कि पहली बार पंजीयन कराने के बाद मरीज को एक कोड नम्बर मिलेंगे।

 

इस कोड के आधार पर मरीज प्रदेश में किसी भी अस्पताल में पंजीयन करा सकता है। परियोजना के टेक्नीकल सपोर्टइंजीनियर राजवीरसिंह ने बताया कि पहले मोबाइल फोन पर आईएचएमएस राजस्थान नाम से ऐप को डाउनलोड करना होगा। इसके बाद ओटीपी के माध्यम से सत्यापित होगा और बाद में पंजीयन होगा। ये ऐपी ओपीडी समय के लिए ही बनाया गया है।

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