भाई दूज के साथ पांच दिवसीय दिपोत्सव का हुआ समापन

भाई दूज के साथ पांच दिवसीय दिपोत्सव का हुआ समापन

 

By: pawan sharma

Updated: 17 Nov 2020, 12:59 PM IST

टोंक. जिले भर में दीपावली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पटाखों पर प्रतिबंध होने के कारण ध्वनी ओर वायू प्रदूषण से लोगों को राहत भी मिली। शनिवार को लक्ष्मी पूजन के बाद देर रात तक बाजार सहित रिश्तेदारों व पडोसियों के घर जाकर लोगों ने एक-दूसरे को दीपावली का उपहार दे मिठाई खिलाकर मुंह मिठा कराया।

वही छोटों ने अपनों से बड़ों के पैर छूकर आर्शिर्वाद लिया। देर रात्री तक दीपावली की रामा-श्यामा का दौर चलता रहा। हांलांकि कोरोना को देखते हुए बाजार में भीड़-भाड़ कम ही रही। गुर्जर समाज ने भी दीपावली पर सरोवर जाकर अपने पितृों को तपर्ण कर छांट भरने की रस्म निभाई। इसी प्रकार अन्य समाजों द्वारा भी दीपावली पर उनके यहां चली आ रही परम्पराओं का निर्वाहन किया।

दीपावली के दूसरे दिन रविवार को सुबह महिलाओं द्वारा घर के बाहर गोबर से गोर्वधन बना उसकी पूजा की गई। रविवार शाम को मंदिरों में ठाकुर जी को अन्नकूट का भोग लगा श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया। सोमवार को भाई दूज के दिन बहनों ने भाई को टीका लगाकर भाई की लंबी उम्र की कामना की। बदले में भईयों ने भी बहनों को सुरक्षा का वचन दे उपहार आदि भेट किए। किसान ने बैलों व ट्रैक्टरों का शृंगार कर पूजा करी। दूज पर ही शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में घांस ंभेरू कीे सवारी भी निकाली गई। इस प्रकार धनतेरस से शुरू हुए दीपोत्सव पर्व का सोमवार को भाई दूज के साथ समापन हुआ।


पितरों का किया तर्पण
टोडारायसिंह. कस्बे समेत ग्रामीण क्षेत्र में दीपावली पर गुर्जर व भील समुदाय के लोगों ने पितृ तर्पण किया। कार्यक्रम के तहत लोग सार्वजनिक तालाब पर पहुंचे। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे लोगों ने ढ़ाब, खीर, पराठे समेत अन्य पूजन सामग्री लेकर जलाशयों में सामूहिक रूप से अपने पितृों को तर्पण किया। क्षेत्र के मोर, भांवता, कूकड़, बनकाखेड़ा, सेतीवास, रामपुरा, सालग्यावास, बरवास, छाणबाससूर्या, मोरभाटियान समेत अन्य गांवों में लोगों ने पितृ तर्पण किया।

छांट भरकर भोग लगाया
निवाई. दीपावली पर गुर्जर समाज के लोगों ने मंदिर, तालाब व नाडिय़ों पर अपने पूर्वजों की याद कर छांट भरने की परंपरा श्रद्धा पूर्वक निभाई। शहर के देवनारायण मंदिर परिसर में गुर्जर समाज के लोगों ने छांट भरकर भोग लगाया। इसी प्रकार गांव बस्सी में पोसवाल गौत्र के लोगों ने पूर्वजों को याद किया।

दीपावली की शुभकामनाएं दी
राजमहल. कस्बे सहित आस पास के गांव-ढाणियों में दीपावली का पर्व हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। इस दौरान शनिवार को महालक्ष्मी की पूजा कर एक दूसरे को मिठाई खिलाकर दीपावली की शुभकामनाएं दी गई। कस्बे के गुर्जर, कीर, मेघवाल, कंजर आदि जाति के लोगों ने रविवार सुबह नये परिधान पहनकर जलाशयों के किनारे समाज के सभी लोग एकत्र होकर पित्रों की पूजा अर्चना कर छांट भरने की रस्म निभाई गई।

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