पर्यावरण बचाने के दावे हो रहे खोखले साबित, वन विभाग की क्लोजर से काटे जा रहे हरै पेड़

पर्यावरण बचाने के दावे हो रहे खोखले साबित, वन विभाग की क्लोजर से काटे जा रहे हरै पेड़

Pawan Kumar Sharma | Publish: Apr, 22 2019 07:32:15 PM (IST) | Updated: Apr, 22 2019 07:32:16 PM (IST) Tonk, Tonk, Rajasthan, India

वन विभाग की लापरवाही के चलते क्षेत्र में हरे पेड़ों की कटाई की जा रही है। इसके बाद भी विभाग वन इन शिकंजा नहीं कस पा रहा है।

झिलाय (निवाई). पर्यावरण को बचाने व प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए जहां प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं वन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से हरे पेड़ काटे जा रहे हैं। ऐसा झिलाय सिरोही नदी के समीप क्लोजर में हो रहा है।

 

जहां हरे वृक्षों की जा रही कटाई की जा रही है। यहां हजारों बीघा वनभूमि पर खेती की जा रही है। इसकी जानकारी होने के बावजूद वन विभाग ने कार्रवाई नहीं कर रहा है।

 

गांव के चौथमल माहूर ने बताया कि वन विभाग की लापरवाही के चलते क्षेत्र में हरे पेड़ों की कटाई की जा रही है। इसके बाद भी विभाग वन इन शिकंजा नहीं कस पा रहा है।

 

मामले में सरपंच भंवरलाल यादव का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में हरे पेड़ों की कटाई होने की जानकारी नहीं है। अवैध रूप से कटाई की जाती है तो पटवारियों से जानकारी ली जाएगी।

 

सम्मेलन को लेकर समितियों का गठन
राणोली कठमाणा. जंवाली में 18 मई को होने वाले यादव अहीर समाज के 15 वें सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर रविवार को शिवजीराम यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई।

 

इसमें सम्मेलन की व्यवस्थाओं को लेकर समितियों का गठन किया गया। वहीं हलवाई, टेंट, बैंड आदि के टेंडर दिए गए। इस मौके जंवाली सरपंच सुरेश यादव, राधाकिशन, प्यारेलाल, रामसहाय, श्योजीराम, कजोड़, सीताराम, लक्ष्मीनारायण, गिरिराज, छोटू, प्रकाश, गोपाल, ओमप्रकाश आदि समाजबंधु मौजूद थे।

 

 

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