भगवान के नाम से मिलता है फल

राष्ट्रीय संत दिव्य मुरारी बापू ने राम नाम की महिमा, श्रीरामजी का प्रभाव एवं स्वभाव का विर्णन किया।

By: MOHAN LAL KUMAWAT

Published: 03 Mar 2019, 12:27 PM IST

टोंक. मंशापूर्णभूतेश्वर महादेव मंदिर में चल रही रामकथा में शनिवार को राष्ट्रीय संत दिव्य मुरारी बापू ने राम नाम की महिमा, श्रीरामजी का प्रभाव एवं स्वभाव का विर्णन किया।

 

उन्होंने कहा कि सतयुग में जो भी फल बड़ी तपस्या से, त्रेता में जो फल यज्ञ से, द्वापर में कर्मकाण्डिक पूजा तथा कलयुग में वहीं फल भगवान के नाम से संकीर्तन से मिलता है।

 

भगवान लीला पूरी करके अपने धाम चले जाते हैं तो सारी शक्ति भगवान नाम में आ जाती है। नाम जप से ध्यान ज्ञान व भक्ति सबकी सिद्धि हो जाती है। प्रवक्ता मनोज मिश्रा ने बताया कि रामकथा का आयोजन 9 मार्च तक होगा।

 


शिव ध्वज फहराए
प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय राज योग भवन टोंक की ओर से शिव जयंती पखवाड़ा शुरू किया गया। संस्था से रानी, पूनम, रितू के नेतृत्व में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर शिव जयंती महोत्सव का उद्देश्य, आत्मा का परमात्मा से सम्बन्ध, मानव कल्याण व विश्व शान्ति में सकारात्मक योगदान आदि की जानकारी दी गई।

 

ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि संस्था सदस्यों ने कईआवासों पर शिव ध्वज फहराए। इस दौरान प्रहलाद, पांचू, दिनेश चौरासिया, तुलसीराम, जगदीश, बजरंग आदि मौजूद थे।

 


धर्म जीवन जीने की कला सिखाता है
मालपुरा. धौली ग्राम पंचायत के जयसिंहपुरा गांव में श्री हणुति हनुमान मन्दिर में शनिवार को प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत हवन यज्ञ किया जाकर प्रतिमाओं को मंत्रोच्चारण के साथ घृतादिवास व मिष्ठानादिवास कराया गया।

 


श्री हणुति हनुमान मन्दिर में गोविन्द नारायण शर्मा की देखरेख में पं. मनीष शास्त्री के सान्निध्य में श्री हरिहर महादेव, श्री राम दरबार, मां दुर्गा देवी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चारण के साथ हवन-यज्ञ में आहुतियां दी। वही शुक्रवार रात आयोजित कथा को सम्बोंधित करते हुए आचार्य मनीष शास्त्री ने कहा कि सत्संग से ही धर्म का ज्ञान मिलता है।

 


धर्म जीवन जीने की कला सिखाता है। धर्म को सुनने मात्र की नहीं धर्म को जीवन में धारण करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य इस संसार में विषय रूपी जहर व कषाय की आग में अपने जीवन को व्यर्थ गंवा रहा है, जिस प्रकार जीवन जीने के लिए पानी की आवश्यकता होती है उसी प्रकार आत्मा को जीवित रखने के लिए धर्म की आवश्यकता है।

 


रवाना हुई पदयात्रा
झिलाय. कस्बे में श्याम मित्र मण्डल की ओर से शनिवार को बंशीवारे के मंदिर में पुजा अर्चना करने के बाद पदयात्रा खाटू श्याम मंदिर निवाई के लिए रवाना हुई।

 

इसमें यात्री हाथों में ध्वज (निशान ) लिए भजनों की धुन पर नाचते व श्याम बाबा का जयकारे लगाते चल रहे थे। पदयात्रा का जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया। इस दौरान प्रकाश सैन, चेतन सोनी, लोकेश मिश्रा, बनवारी सोनी, राकेश विजय, धर्मेन्द्र जैन, दिनेश चौधरी, राहूल आदि मौजूद थे।

 





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