टोंक: होम आइसोलेट कोरोना मरीज भगवान भरोसे, बीमारियों से ग्रस्त रोगी हो रहे है परेशान

टोंक: होम आइसोलेट कोरोना मरीज भगवान भरोसे, बीमारियों से ग्रस्त रोगी हो रहे है परेशान

 

By: pawan sharma

Published: 02 Sep 2020, 08:24 AM IST

टोंक. जिले में कोरोना संक्रमण के आंकड़े प्रतिदिन बढ़ते जा रहे है। ऐसे में रोगियों को अब होम आइसोलेट भी किया जाने लगा है। कोरोना पॉजिटिव रोगियों की संख्या बढऩे के साथ होम आइसोलेट रोगियों की संख्या जिले के सभी वार्डों में बढ़ती जा रही है, लेकिन होम आइसोलेट किए जाने के बाद रोगियों को होने वाले परेशानी के निजात नहीं मिल पा रही है।

चिकित्सा विभाग की गाइडलाइन के अनुसार होम आइसोलेट रोगी के लिए घर पर शौचालय युक्त कमरा होना आवश्यक है, जिसमें अन्य की आवाजाही नहीं हो, वहीं जिन कोरोना मरीजों के खांसी-जुकाम, बुखार के अधिक लक्षण नहीं हो उन्हें होम आइसोलेट होने की सुविधा दी जा रही है।


जिन मरीजों के शुगर, बीपी, डायबिटिज एवं कैंसर नियंत्रण में तथा उम्र साठ वर्ष से अधिक नहीं उन्हें भी होम आइसोलेट सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए होम आइसोलेट किया जा रहा है। जिले में अभी टोंक में 39, उनियारा में 20, देवली में 30, टोडारायसिंह में 14, निवाई में 28 मानपुरा में 11 व टोंक ग्रामीण ब्लॉक में पांच कोरोना रोगी होम आइसोलेट है।

इंजेक्शन लगाने से मना कर दिया
निवाई सर्राफा बाजार में गत दिनों साठ वर्षीय से अधिक कि व्यक्ति के पॉजिटिव होने के बाद उन्हें होम आइसोलेट किया गया। उक्त रोगी को प्रतिदिन खून पतला होने का इंजेक्शन लगता है, लेकिन पॉजिटिव होने के बाद किसी भी नर्सिंगकर्मी से इंजेक्शन लगाने से मना कर दिया, ऐसे में जयपुर के एक चिकित्सक से सलाह लेकर परिजनों ने टेबलेट देना शुरू किया।

सम्पर्क तक नहीं किया
निवाई की इन्द्रा कॉलोनी के एक ही परिवार के 10 से 57 वर्ष तक के आठ जनों के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद सभी को होम आइसोलेट किया गया। पॉजिटिव होने के बाद उन्हें कुछ दवा भी दी गई। वहीं कोरोना पॉजिटिव हुए परिवार के मुखिया का कहना है कि पिछले दस दिन में चिकित्सा विभाग के किसी भी कर्मचारी ने उनसे सम्पर्क तक नहीं किया।

किसी भी प्रकार की दवा नहीं दी
पनवाड़ के मुख्य बाजार स्थित एक घर में आठ दिन पूर्व एक जने के पॉजिटिव आने पर उसे होम आइसोलेट किया गया। दोबारा हुई जांच में मंगलवार को युवक फिर पॉजिटिव आया है। युवक का कहना है कि उसे किसी भी प्रकार की दवा नहीं दी गई। वहीं आठ दिन में किसी भी चिकित्सक या नर्सिंगकर्मी ने उनसे कोई सम्पर्क नहीं किया।

दोबारा सेम्पल नहीं लिए
बनेठा में एक परिवार के पांच सदस्यों के 25 को सेम्पल लिए गए, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद होम आइसोलेट किया गया, लेकिन अनेक बाद कहने के बाद भी उक्त पॉजिटिव महिला-पुरुषों के अब तक दोबारा सेम्पल नहीं लिए गए है, जबकि अन्य स्थानों पर तीन दिन में दोबारा सेम्पल लिए जा रहे है।

व्यवस्थाओं में सुधार के प्रयास किए जाएंग

कोरोना सेल का कन्ट्रोल रूम नम्बर जारी किया जाता है। ताकि मरीज अपनी समस्या बता सके। टोंक में क्यों नहीं किया गया। इसकी जानकारी नहीं है। होम आइसोलेट मरीजों की नियमित रूप से जांच की जानी चाहिए। वहीं मरीज घर से बाहर नहीं आए, इनकी पहचान के लिए पुलिस को भी सूचना देनी चाहिए। व्यवस्थाओं में सुधार के प्रयास किए जाएंगे।
गजेन्द्र सिंह, सहायक निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, अजमेर

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