शहद के लिए खेतों में जुटे मधुमक्खी पालन से जुडे व्यवसायी

शहद के लिए खेतों में जुटे मधुमक्खी पालन से जुडे व्यवसायी

 

By: pawan sharma

Published: 15 Nov 2020, 01:40 PM IST

राजमहल. राज्य सहित पंजाब, हरियाणा आदि जगहों से मधुमक्खी पालन व शहद व्यवसाय से जुड़े लोग इन दिनों गांव-ढाणियों के खेतों के करीब पहुंच कर अपनी जगह बनाने लगे है। सर्द ऋतु में सरसों व तारामीरा की फसलों के साथ ही मिर्च, लोकी, खीरा, ककड़ी आदि की लताओं व गेंदा के खिलते फूलों से रस्सावादन को लेकर मधुमक्खी व्यवसाय से जुड़े लोग खेतों के आस पास बॉक्स लगाकर डेरा डालने लगे है।

क्षेत्र में अलवर भरतपुर के साथ ही पंजाब व उत्तर प्रदेश से आए कई लोगों ने गांवड़ी के देवली सडक़ मार्ग किनारे, संथली सडक़ मार्ग व बांध के जलभराव किनारे सैकड़ों मधुमक्खियों के बॉक्स लगाकर फसलों पर फूल खिलने से पहले ही लोगों ने रस्सावादन की तैयारियां शुरू कर ली है।

मधुमक्खी पालन से जुड़े लोगों ने बताया कि वो एक बॉक्स में एक किलों से अधिक शहद एकत्र कर लेते है, जिन्हे दो या तीन दिन में समेटकर अलग कर लेते है। उसके बाद वापस उसी डिब्बे में शहद एकत्र करना शुरू कर दिया जाता है, जिसे वो अलग वर्तन में एकत्र कर शहरों में बिकने के लिए भेज देते है, जिससे उन्हे अच्छा मुनाफा मिल जाता है।

अनदेखी से पार्क हो गए बदहाल

टोंक. नगर परिषद की अनदेखी के चलते हाउसिंग बोर्ड के पार्क बदहाल हो गए हैं। इस पार्क में तात्कालीन बोर्ड ने विकास कार्य कराए थे। इसमें घास भी लगवाई गई थी, लेकिन वर्तमान बार्ड ने पार्क पर ध्यान नहीं दिया। ऐेसे में पार्क की घास सूख चुकी है। वहीं कई पार्कों पर तो लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है।

ऐसे में हाउसिंग बोर्ड के लोगों को पार्क का लाभ नहीं मिल रहा है। लोग पार्क में घूमने के लिए जाते हैं, लेकिन सूखी घास व झाडिय़ों के चलते उन्हें परेशानी होती है। ऐसे में नगर परिषद को चाहिए कि वे पार्क को विकसित कर फिर से घास लगावाए। ताकि पार्क सुंदर लगने के साथ उपयोग में आ सके।

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