एक के भरोसे पाटने में लगे हैं रोडवेज का घाटा, बिना निरीक्षक कैसे हो बसों की जांच

pawan sharma

Publish: Sep, 17 2017 08:54:00 (IST)

Gulzar Bagh, Tonk, Rajasthan, India
एक के भरोसे पाटने में लगे हैं रोडवेज का घाटा, बिना निरीक्षक कैसे हो बसों की जांच

आगार में निरीक्षकों की कमी होने से समय पर बसों की जांच नहीं हो रही है। ऐसे में बिना टिकट यात्रियों पर अंकुश लग रहा न आगार घाटे से उबर पा रहा है।

 टोंक.

आगार में निरीक्षकों की कमी होने से समय पर बसों की जांच नहीं हो रही है। आलम यह है कि 8 में से महज एक ही निरीक्षक के भरोसे बसों की जांच करना है। ऐसे में बिना टिकट यात्रियों पर अंकुश लग रहा न आगार घाटे से उबर पा रहा है। रोडवेज की आय बढ़ाने समेत किराया चोरी रोकने के लिए टोंक आगार में 6 सहायक निरीक्षक व दो निरीक्षक के पद स्वीकृत हैं।

 

इन निरीक्षकों के अभाव में जिले से गुजर रही आगारों की रोडवेज की नियमित जांच नहीं हो पा रही। यही कारण है कि राजस्व चोरी होने से प्रदेश के अधिकतर आगार घाटे से नहीं उबर पा रहे हैं। प्रति माह करोड़ों की आय होने के बावजूद आगार के कर्मचारी-अधिकारी वेतन को तरस रहे हंै।

 

कार्य अटके, चोरी बढ़ी
निरीक्षकों का कार्य बसों को रोककर उनका औचक निरीक्षण करना है। इसमें यात्री का किराया जांचना, उसने टिकट लिया या नहीं, बस निर्धारित स्टैण्ड पर रुकवाना, चालक व परिचालक निर्धारित पोशाक में है या नहीं समेत अन्य कार्यों की जांच शामिल है।

 

मुख्य प्रबन्धक तक कर रहे जांच
निरीक्षकों के अभाव में आगार के मुख्य प्रबन्धक समेत यातायात प्रबन्धक आदि को भी बसों की जांच करनी पड़ रही है।

 

 

फिर भी कर रहे हैं प्रयास
आगार में निरीक्षकों की कमी खल रही है, फिर भी नियमित बसों की जांच कर आगार का राजस्व बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
रामचरण गौचर, मुख्य प्रबन्धक टोंक आगार।

आंकड़ों की जुबानी


139 परिचालक, 127 चालक, 80लाख प्रतिमाह वेतन , 365 रोडवेजकर्मी, 84 रोडवेज की बसें, 21 अनुबंधित बसें

 

जेल भेजा
निवाई. राष्ट्रीय राजमार्ग के पास वैश्यावृति करने के आरोप में बरोनी थाना पुलिस ने तीन युवतियों को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी के अनुसार प्रशिक्षु वृत्ताधिकारी अंजुम कायल ने इन युवतियों को पुष्टि होने के बाद उनको गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश करने पर उन्हें जेल भेज दिया गया।

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