बीसलपुर बांध व दह में दौड़ रही अवैध नौकाएं


आखिर कब लेगा प्रशासन सबक:

By: Vijay

Published: 17 Sep 2020, 09:36 AM IST


हादसों के बाद भी प्रशासन नहीं ले रहा सुध, ना सुरक्षा के इंतजाम और ना नावों पर लगाम
राजमहल. कोटा से निकल रही चम्बल नदी में बुधवार को खातोली के गोठड़ा गांव के पास नाव डूबने से हुए हादसे लोगों का दिल दहला। इसी प्रकार बीसलपुर बांध के जलभराव में कासीर नाव दुखातिका के दौरान एक साथ एक ही गांव की दस महिलाओं की मौत आज भी आंखें नम कर देती है।
इस ओर ना सरकार गम्भीर नजर आती है ओर ना ही प्रशासन सर्तक दिखाई देता है, जिससे नदियों, तालाबों व बांधों के जलभराव आए दिन हादसे होते रहते है। और हादसों के बाद भी बांधों व तालाबों के साथ नदी नालों में हादसों को अंजाम देकर धड़ल्ले से अवैध नावें दौड़ती रहती है, जिसके बावजूद ना तो परिहवन विभाग ध्यान दे रहा है ओर ना ही पुलिस व प्रशासन गम्भीर दिखाई देता है, जिससे अवैध नावों में सवार मजबूर लोग अकाल मौत का ग्रास बन रहे है।
पवित्र दह व जलभराव बना मौत का गढ़
बीसलपुर बांध के जलभराव के करीब हादसे का गढ़ माने जाने वाले पवित्र दह में डूबने से अब तक दर्जनों महिला, पुरुष व युवकों की मौत हो चुकी है। फिर भी प्रशासन की ओर से यहां कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जा रहे है। बांध के जलभराव में महिलाएं, बच्चे व अवैध मछली शिकारी रोजाना दर्जनों अवैध नावें चलाते नजर आते है, लेकिन यहां कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। कासीर गांव के पास बांध के जलभराव में बनास नदी पार खेतों में कृषि कार्य के लिए जा रही नाव में पानी भरने से लगभग दस महिलाओं की मौत होने के बाद भी प्रशासन ने जलभराव में दौड़ती नावों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी प्रकार बांध के करीब पवित्र दह में रोजाना हादसे को आमंत्रण देकर क्षमता से अधिक पर्यटकों व श्रद्धालुओं को लेकर दह से नदी पार कराते नजर आने के बाद भी यहां कोई कार्रवाई नहीं होती है। इन नाव संचालकों के पास ना तो लाइफ जॉकेट रहती है और ना ही फिटनेस व लाइसेस होता है। कार्रवाई के नाम पर परिवहन विभाग के अधिकारी महज किनारे पर जाकर लाइसेंस बनवाने की हिदायत देकर वापस लौट जाते है, जिससे दह के पानी में कभी बडा हादसा हो सकता है।
नदी तक नहीं पहुंचते कर्मचारी
परिहवन विभाग के अधिकारी बीसलपुर बांध के पवित्र दह तक तो कभी कभार पहुंच जाते है, लेकिन नेगडिय़ा पुलियां, नापा का खेड़ा, बोरड़ा गणेश मंदिर, राजमहल शिलाबारी दह के पास, खारी व डाई नदियों में दौड़ती नवैध नावों की रोकथाम पर तो कभी नजर भी नहीं डालते है, जिससे यहां बैखोफ अवैध नावे दौड़ती रहती है। यह नावें कहीं पर अवैध कास्त के लिए नदी पार तो कई नावें अवैध मछली शिकार के लिए दौड़ती रहती है।

बांध व दह में अवैध नावों के संचालन कार्रवाई की जाती है। कई के चालान भी काटे गए है, लेकिन विभाग के कर्मचारी लौटते ही वापस चालु कर देते है। साथ ही बनास नदी व नेगडिया आदि में संचालित अवैध नावों पर भी कार्रवाई की जाएगी। फिर भी निरीक्षण कर अवैध नावों पर कार्रवाई करेंगे।
गंगाराम वर्मा, परिवहन निरीक्षक कार्यालय देवली

Vijay Bureau Incharge
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