बजरी के साथ पत्थर का अवैध खनन भी बनता जा रहा है नासूर

जिले में अवैध बजरी के साथ पत्थर खनन भी नासूर बनता जा रहा है। पुख्ता कार्रवाई नहीं होने से पत्थर खनन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।

 

By: pawan sharma

Published: 01 Aug 2020, 05:05 PM IST

टोंक. जिले में अवैध बजरी के साथ पत्थर खनन भी नासूर बनता जा रहा है। पुख्ता कार्रवाई नहीं होने से पत्थर खनन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जिला मुख्यालय पर तो दिन-दहाड़े ही पत्थर से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजरते रहते हैं। वन क्षेत्र कच्चा बंधा, अंधेरी बाग, गड्ढा छिपोलाई, प्लांटेशन ६१ व ६२ में लगातार खनन जारी है।

वन विभाग की टीम गाहे-बगाहे भी कार्रवाई नहीं कर रही है। इसी का नतीजा है कि पत्थर खनन पर अंकुश नहीं लग रहा है। जबकि वन विभाग की टीम शहर में लगातार गश्त करे तो खनन पर अंकुश लग सकता है, लेकिन विभाग की टीम शहर के मुख्य मार्गों पर कभी कभी एकाध टैक्ट्रर-ट्रॉली को पकडक़र गाल बजा लेती है।

जबकि हकीकत यह है कि वन विभाग की टीम पहाड़ी क्षेत्र में चल रहे अवैध पत्थर खनन पर कार्रवाई ही नहीं करते हैं। इसके चलते खनन पर अंकुश नहीं लग रहा है। रात को १२ बजे से लेकर अलसुबह ५ बजे तक पत्थर से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजरते रहते हैं।

चरागाह से हटाया अतिक्रमण

नगरफोर्ट. जालिमगंज गांव स्थित चरागाह पर लम्बे समय से काबिज अतिक्रमियों को प्रशासन ने पुलिस जाप्ते का सहयोग लेकर हटा दिया। अतिक्रमियों की ओर से बोई गई फसल को जेसीबी से नष्ट कर स्थाई अतिक्रमण को हटाया गया। ग्राम सरपंच सोहनी देवी के अनुसार खसरा नम्बर 318, 476, 478, 477 में 42 बीघा चरागाह भूमि पर आधा दर्जन काबिज थे। जिससे गांव के पशुओं के लिए चारे की समस्या उत्पन्न हो रही थी।

ग्रामवासियों ने अतिक्रमण न हटाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी। ऐसे में तहसीलदार विनीता स्वामी, थानाधिकारी सलीम खान, कार्यवाहक विकास अधिकारी देवकिशन नागर, पीओ चिरन्जी लाल वर्मा, ग्राम विकास अधिकारी आलोक माहेश्वरी, गिरदावर जोधराज ने अतिक्रमण हटवाया।

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