वन विभाग खोद रहा खाई, पत्थर खनन माफिया बार-बार कर रहे हैं बंद

वन विभाग खोद रहा खाई, पत्थर खनन माफिया बार-बार कर रहे हैं बंद

 

By: pawan sharma

Published: 15 Nov 2020, 12:27 PM IST

टोंक. अरावली पर्वत माला में पत्थरों के अवैध खनन को रोकने के लिए रीको स्थित वन विभाग की चारदीवारी को तोड़ कर बनाए गए रास्ते को वन विभाग की ओर से खाई खोद कर बार-बार बंद करने के बाद खनन माफिया वापस खाई को भर कर रास्ता बना पत्थरों की ट्रैक्टर-ट्रालियां निकाल रहे है। शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक के बाद पत्थरों का अवैध खनन जोरों पर है। सम्बधित विभाग की ओर से कभी कभार गश्त कर खाना पूर्ति की जा रही है।


वन विभाग की ओर से औद्योगिक क्षेत्र के पास वन क्षेत्र में पत्थरों की बनाई गई दीवार को तोडकऱ खनन माफिया ने रास्ता बना लिया है। क्षेत्र से वन सम्मदा को नष्ट कर खनन माफिया द्वारा रोजना सरेआम दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर ले जा रहे है।

भक्तों में बना है दुर्घटनाओं का भय

औद्योगिक क्षेत्र के पास वन क्षेत्र में स्थित अरावली पर्वतमालाओं के मध्य प्रचीन श्री आंतरियां के बालाजी मार्ग से होकर तेज गति से गुजर रहे पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं में हरदम दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। अवैध खनन व परिवहन पर लगाम लगाने के लिए वन विभाग की ओर से कई बार इस रास्ते पर खाई खोद कर रास्ते को बंद कर दिया जाता है। लेकिन खनन माफिया हर बार खाई को मिट्टी से भर देता है।

बांध की सुरक्षार्थ पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग
टोडारायसिंह. घारेड़ा सागर बांध की मोरी बंद करने तथा मारपीट करने की घटनाओं को लेकर की कमाण्ड क्षेत्र के किसानों ने उपखण्ड अधिकारी श्यामसुंदर चेतीवाल को ज्ञापन सौंपा तथा सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी स्थापित कर सुरक्षा गार्ड लगाने की मांग की।


ज्ञापन में कमाण्ड क्षेत्र के किसानों ने बताया कि घारेड़ा बांध से सिंचाई के लिए विभाग के तहत गत 7 नवम्बर को नहरो में पानी छोड़ा गया था। बांध से बावड़ी, देवपुरा, कल्याणपुरा, रतवाडा, गोपालपुरा, लाखोलाई, पन्द्राहेड़ा की कमाण्ड क्षेत्र की काश्त भूमि सिंचित होती है, लेकिन बीते सप्ताह में कई बार कुछ लोगों ने मोरी के पानी को बंद कर दिया तथा मना करने पर झगड़ा करने पर उतारू हो गए। दो दिन पूर्व भी सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से वारदात हो गई।


ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गत वर्ष भी कैचमेंट एरिया के लोगों ने बांध की चलती मोरी में मिट्टी, पत्थर व झाडिय़ा डालकर पानी की निकासी बंद कर दी थी, जिससे अंतिम छोर के काश्तकारों के पानी नहीं पहुंच पाता है। उन्होंने गंभीर नुकसान का अंदेशा जताते हुए बांध की चौबीस घण्टे मोरी की सुरक्षा के लिए 4 पुलिसकर्मियों की नियुक्त करने की मांग की, जिससे काश्तकारों को सिंचाई के लिए समुचित पानी उपलब्ध कराया जा सके। इस दौरान सरपंच मीरा गुर्जर, कन्हैयालाल गुर्जर, हंसराज, मुकेश मीणा, श्योराज, राजाराम, गोपाल, मनराज, रामअवतार, रमेश गुर्जर, रामसिंह, शीशुपाल, नानूलाल, कजौड़, रामनिवास समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।

Show More
pawan sharma
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned