जांच के निर्देश: आखिर कैसे पहुंचे तीनों ट्रेलर नदी में

छोड़ते समय जगह का भी नहीं रखा ध्यान
बनास नदी स्थित डींग का पेड़ा से पकड़े थे बजरी भरे ट्रेलर
टोंक. पीपलू. सोहेला के समीप बनास नदी स्थित डींग का पेड़ा से जब्त किए बजरी भरे तीनों ट्रेलर को पकड़ कर छोडऩे के मामले की जांच खनिज विभाग करेगा। इसके आदेश खनिज विभाग के सहायक अभियंता लक्ष्मीचंद मीणा ने फोरमैन सोमाराम को दिए हैं। इसके बाद सोमाराम ने जांच शुरू की है।

By: jalaluddin khan

Published: 03 Jul 2021, 08:45 PM IST

जांच के निर्देश: आखिर कैसे पहुंचे तीनों ट्रेलर नदी में
छोड़ते समय जगह का भी नहीं रखा ध्यान
बनास नदी स्थित डींग का पेड़ा से पकड़े थे बजरी भरे ट्रेलर
टोंक. पीपलू. सोहेला के समीप बनास नदी स्थित डींग का पेड़ा से जब्त किए बजरी भरे तीनों ट्रेलर को पकड़ कर छोडऩे के मामले की जांच खनिज विभाग करेगा। इसके आदेश खनिज विभाग के सहायक अभियंता लक्ष्मीचंद मीणा ने फोरमैन सोमाराम को दिए हैं। इसके बाद सोमाराम ने जांच शुरू की है।


वहीं पीपलू के कार्यवाहक तहसीलदार नारायण राम दैया ने मामले की जानकारी उपखण्ड अधिकारी पीपलू को दी है। गौरतलब है कि पीपलू कार्यवाहक तहसीलदार नारायण राम दैया के नेतृत्व में गत 29 जून रात साढ़े बजे एसआइटी व बरोनी थाना पुलिस ने सोहेला के समीप बनास नदी स्थित डींग का पेड़ा से बजरी भरे तीन ट्रेलर पकड़े थे।


इसमें बरोनी थाना पुलिस ने उक्त ट्रेलर को भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी में नीलाम में हुई बजरी का रवन्ना होना बताकर छोड़ दिया।

जब रवन्ना सही होना, बनास नदी से पकड़े जाना और चालक फरार हो जाने समेत अन्य बिंदुओं को लेकर गत 3 जुलाई के राजस्थान पत्रिका के अंक में 'कोटड़ी का रवन्ना, 155 किलोमीटर दूर बनास नदी से एसआइटी ने पकड़े तीन ट्रेलर, एक दिन बाद छोड़ाÓ शीर्षक खबर के बाद कार्यवाहक तहसीलदार और खनिज विभाग हरकत में आया।


इसमें कार्यवाहक तहसीलदार ने उपखण्ड अधिकारी को मामले की रिपोर्ट दी। वहीं खनिज विभाग के सहायक अभियंता लक्ष्मीचंद मीणा ने मामले की जांच फोरमैन सोमाराम को दी है। दोनों ही रिपोर्ट में तीनों ट्रेलर का बनास नदी स्थित डींग के पेड़े पर होना और रवन्ना दूसरे दिन की तारीख का होने लेकर जांच की जा रही है।


यह मानी कमी
कार्यवाहक तहसीलदार और खनिज विभाग ने बनास नदी स्थित डींग के पेड़े से पकड़े गए तीनों ट्रेलर को छोडऩे के मामले में मुख्य कमी यह मानी है कि तीनों ट्रेलर के चालक के पास रवन्ना था तो वे मुख्य सड़क से दूर नदी में कैसे पहुंचे। वहीं टीम को देखकर रवन्ना होने के बावजूद चालक क्यों फरार हो गए। वहीं मामले की जांच रवन्ना की तारीख को लेकर भी होगी।


रवन्ना पर्ची दिखाई थी
ट्रेलर चालकों ने कोटडी भीलवाड़ा के बजरी भरकर आने की रवन्ना पर्ची दिखाई थी। इस पर पुलिस ने खनिज विभाग टोंक के फोरमैन जेपी मीणा से सत्यापन कराया था। इसके बाद ट्रेलर को छोड़ा है। ट्रेलर में वजन कितना था कब रवाना हुए थे यह सब जानकारी बरोनी थाना पुलिस कार्यालय में उपलब्ध है।
- कैलाश विश्नोई, थाना प्रभारी बरोनी


पूरी जांच होगी मामले की
संज्ञान में आया कि बनास नदी के डींग पेड़े से बजरी भरे ट्रेलर जब्त किए थे। पहले तो जहां से पकड़ा वहां परिवहन का रूट है या नहीं आदि को लेकर जांच के आदेश दिए हैं। जांच फोरमैन सोमाराम करेंगे।
- लक्ष्मीचंद मीणा, सहायक अभियंता खनिज विभाग टोंक


सभी बिंदू शामिल करेंगे
जांच के आदेश मिले हैं। इसमें रवन्ना की तारीख, पकडऩे के कार्रवाई की तारीख और समय, रवन्ना किस तारीख का था और कहां से पकड़ा, इन सबको लेकर जांच की जाएगी। जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए अधिकारियों को लिखा जाएगा।
- सोमाराम फोरमैन, खनिज विभाग टोंक


रवन्ना की तारीख ही गलत थी, फिर छोड़ा क्यों
दरअसल हमनें कार्रवाई बनास नदी स्थित डींग के पेड़े पर गत 29 जून की रात साढ़े 11 बजे की थी। जानकारी मिली है कि रवन्ना 30 जून का है। ऐसे में पुलिस ने किस आधार पर छोड़ा और खनिज विभाग ने छोडऩे की अनुमति कैसे दी। इसको लेकर उपखण्ड अधिकारी से कहा है।
- नारायण राम दैया, कार्यवाहक तहसीलदार पीपलू

jalaluddin khan Reporting
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