संगत से होती है नए संस्कारों की उत्पति - जैनमुनि

जैन मुनि विश्रांत सागर का ससंघ बैण्ड बाजे के साथ मंगल प्रवेश हुआ।

By: MOHAN LAL KUMAWAT

Published: 04 Apr 2019, 11:15 AM IST

टोडारायसिंह. कस्बे में बुधवार को जैन मुनि विश्रांत सागर का ससंघ बैण्ड बाजे के साथ मंगल प्रवेश हुआ। मंगल प्रवेश पर श्रद्धालु मुनि विश्रांत सागर को ससंघ कृषि मण्डी से श्री दिगम्बर जैन पदमप्रभु जिनालय तक बैण्डबाजे के साथ जुलूस में लेकर आए।

 

जहां जगह-जगह जैन समाज के महिला-पुरुषों ने चरण-प्रक्षालन कर आशीर्वाद लिया। इधर, मंदिर में आयोजित धर्मसभा में कहा कि मनुष्य किसी भी समाज व कुल में पैदा होता है तो शाकाहारी पैदा होता है।

 

नवजात शिशु कभी मांसाहारी नहीं होता। उसे परिवेश में मिलने वाले संस्कारों से मांसाहारी बनता है। उन्होंने कहा मनुष्य अच्छे कुल में पैदा होने के बावजूद यदि संगति गलत है तो गलत राह में जाएगा।

 

और निम्न कुल में पैदा होने वाले मनुष्य की संगति अच्छे परिवेश में है तो सही राह चुनेगा। यदि इंसान संतों की संगत करता है। तो पुण्य को प्राप्त करता है। जहां भी साधू संतों के चरण पड़ते है।

 

वो जगह पवित्र हो जाती है। इस दौरान जैन समाज के मोहनलाल अग्रवाल, नरेन्द्र कनोई, पवन सर्राफ, प्रेमचंद झण्डा, विनोद झण्डा, दिनेश बाकलीवाल, ज्ञानचंद भटेडा, मदनलाल जैन समेत अन्य लोग मौजूद थे।

 


चार दिवसीय चेटीचण्ड महोत्सव शुरू
मालपुरा. पूज्य सिंधी समाज की ओर मनाए जाने वाले चार दिवसीय चेटीचण्ड सिन्धी महोत्सव की शुरुआत बुधवार को फल वितरण से हुआ।

 


समाज के गिरधारी धर्मदासाणी ने बताया कि चेटीचेण्ड महोत्सव के प्रथम दिन सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती रोगियों को फलों का वितरण किया गया तथा दोपहर में ट्रक स्टैण्ड स्थित झूलेलाल धर्मशाला में नि:शुल्क दन्त चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया,

 

जिसमें डॉ. रिंकी धनजाणी व डॉ. मिन्नी शर्मा द्वारा मरीजों की जांच की गई। सायंकाल मेंहदी व रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

 

 

 

MOHAN LAL KUMAWAT
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