कदम्ब के वृक्षों से बनी कांटोली की पहचान

ग्राम पंचायत नोहटा का गांव कांटोली अपने आप में अद्भूत है, क्योंकि यहां पर हजारों की संख्या में कदम्ब के वृक्ष आज भी मौजूद है। कांटोली निवासी श्रीराम ने बताया कि पूर्वजों के अनुसार कांटोली गांव की स्थापना करीब एक हजार पूर्व हुई थी।

By: pawan sharma

Updated: 28 May 2021, 04:54 PM IST

निवाई. ग्राम पंचायत नोहटा का गांव कांटोली अपने आप में अद्भूत है, क्योंकि यहां पर हजारों की संख्या में कदम्ब के वृक्ष आज भी मौजूद है। कांटोली निवासी श्रीराम ने बताया कि पूर्वजों के अनुसार कांटोली गांव की स्थापना करीब एक हजार पूर्व हुई थी। वर्तमान में आज कांटोली की ढाई हजार से अधिक जनसंख्या है, लेकिन सुविधाओं का अभाव है।

कांटोली गांव तीन ढाणियों में बसा हुआ है। गांव जल संकट के चलते मां भद्र काली मंदिर ट्रस्ट की ओर से टयूबवेल खुदवाकर गांव में पानी टंकियों बनाकर कई जगह पानी भरने के पॉइंट लगा दिए गए है, जिससे जल संकट के लिए जूझते ग्रामीणों की बहुत राहत मिली है। उन्होंने बताया कि पूर्वजों के अनुसार प्राचीन काल से कांटोली क्षेत्र में चारों ओर कदम्ब के ही पेड़ थे।

उन्होंने बताया कि गांव के बीच में प्राचीन मां भद्रकाली मंदिर स्थापित है, लेकिन मंदिर में जगह कम होने से गांव के बाहर कुछ भक्तों द्वारा करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से मंदिर का निर्माण कार्य जारी है। गांव कांटोली में मात्र राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित है।

इसलिए मां भद्र काली मंदिर ट्रस्ट की ओर से मंदिर निर्माण के बाद गरीब, असहाय और अनाथ बच्चों के लिए नि:शुल्क अध्ययन की व्यवस्था की जाएगी, जिससे गरीब बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त सके। विद्यालय के साथ ही ट्रस्ट की ओर से मानव सेवा के लिए नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने बताया आजादी के बाद से अब तक कांटोली गांव में परिवहन की अब तक कोई भी सरकारी व्यवस्था नहीं है। यहां सैकण्डरी व सीनियर सैकण्डरी विद्यालय हो तो ग्रामीण बच्चों को शिक्षार्जन के लिए दूर जाना पड़े।

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