अतिवृष्टि से खरीफ की फसल हुई खराब, उठी मुआवजे की मांग

अतिवृष्टि से खरीफ की फसल हुई खराब, उठी मुआवजे की मांग

By: pawan sharma

Updated: 26 Aug 2020, 08:39 AM IST

टोडारायसिंह. उपखण्ड के हमीरपुर पंचायत क्षेत्र स्थित काचरिया में अतिवृष्टि से खरीफ फसल खराबे को लेकर ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। पूर्व सरपंच सत्यनारायण दायमा की अगुवाई में बताया कि हमीरपुर के कचरिया क्षेत्र में पिछले पखवाड़े से लगातार हो रही बारिश से खरीफ फसल में मूंग, उड़द, तिल समेत अन्य फसलों में भारी नुकसान हुआ है उन्होंने शीघ्र फसल खराबे का आकलन करवा कर पीडि़त किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। इस दौरान पूर्व प्रधान गीता दायमा, रामदेव गुर्जर शिवराज शर्मा, रामराज जाट, शंकर जाट, नाथूलाल, पन्नालाल गुर्जर, रामनारायण जाट समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे।

सर्वे कराने की मांग
मालपुरा. सरपंच संघ की ओर से मंगलवार को उपखंड अधिकारी डॉ राकेश कुमार मीणा को ज्ञापन सौंपकर उपखंड क्षेत्र में मूंग की फसल में लगे रोग से खराब होने के सर्वे कराने की मांग की। सरपंच संघ अध्यक्ष भंवरलाल चौधरी के नेतृत्व में नरेंद्र सिंह, रामस्वरूप मीणा, कमल जैन, हनुमान गुर्जर, माधु लाल चौधरी सहित कई सरपंचों द्वारा सौंपे ज्ञापन में उपखंड क्षेत्र में हजारों बीघा भूमि में बोई मूंग की फसल में अत्यधिक वर्षा के चलते रोग लग जाने से फसलों में भारी नुकसान हो रहा है जिनका सर्वे कराने एवं राज्य सरकार को खराबी की रिपोर्ट भेजने की मांग की गई।


मूंग की फसल में कीड़े व बीमारी का प्रकोप , किसान हुए चिंतित

मालपुरा. कृषि उपखंड क्षेत्र मालपुरा व टोडारायसिंह क्षेत्र में बोई गई मूंग की फसल में पिछले 20 दिनों से लगातार हो रही वर्षा व कम हवा के चलने के कारण मूंग की फसल में फली छेदक कीड़े एवं पितशिरा विषाणु रोग से लगभग पर 49000 हेक्टर फसल रोग से प्रभावित है ।

सहायक निदेशक डॉ नागर मल यादव ने बताया कि पितशिरा मोजेक रोग में मूंग की पत्तियां पीली पड़ जाती है तथा गहरी हरी होकर उभार आ जाते हैं इसके नियंत्रण के लिए डाईमिथोइट 30 ईसी का 1 लीटर प्रति हेक्टर की दर से छिडक़ाव करें। वहीं कृषि अधिकारी डॉ किशन लाल जाट व डॉ राजकुमारी चौधरी ने मंगलवार को नगर डोरिया आवड़ा पारली पचेवर गनवर सहित कई गांवो का भ्रमण कर मूंग में हरि लट पितशिरा विषाणु रोग का प्रकोप पाया गया ।

उन्होंने बताया कि हरि लट के नियंत्रण के लिए क्यूनालफास 25 ईसी एक लीटर प्रति हेक्टर के फूल व फली आते ही छिडक़ाव करें अथवा क्यूनालफास डस्ट1.5 प्रतिशत चूर्ण 25 किलो प्रति हेक्टर 15- 15 दिन के अंतराल पर शाम के समय भुरकाव करें जिन क्षेत्रों में तिल फसल की बुवाई हुई है । उन क्षेत्रो में हॉक मोथ का भी प्रकोप कहीं कहीं नजर आने लगा है । इसके नियंत्रण के लिए क्यूनालफास 25 ईसी 1 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से छिडक़ाव करें तथा 15 दिन के अंतराल पर छिडक़ाव पुन: करें ।

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