भगवान चन्द्रप्रभु की शांतिधारा की, विधान में चढ़ाए 130 श्रीफल अघ्र्य

भगवान चन्द्रप्रभु की शांतिधारा की, विधान में चढ़ाए 130 श्रीफल अघ्र्य

By: pawan sharma

Published: 23 Nov 2020, 05:24 PM IST

निवाई. अष्टान्हिका पर्व के चलते श्रीदिगम्बर जैन चन्द्रप्रभु मन्दिर झिलाय में शान्तिमण्डल विधान का आयोजन किया गया, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग की पालना के साथ पूजा-अर्चना की गई। जैन समाज के प्रवक्ता विमल जौंला ने बताया कि अष्टान्हिका पर्व में विश्व शांति की कामना के लिए भगवान चन्द्रप्रभु व शांतिनाथ की शांतिधारा करने का सौभाग्य महेन्द्र जैन, पदम जैन एवं दिव्या मोदी को मिला।

विधान की संयोजिका दिव्या मोदी ने बताया कि शान्तिमण्डल विधान की शुरुआत महिला मण्डल झिलाय की तारामणी जैन, शिमला मोदी, अनिता जैन, प्रमिला जैन ने भगवान चन्द्र प्रभु के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। विधान में पं सुरेश शास्त्री के निर्देशन में विधिवत मंत्रोच्चार के साथ सभी इन्द्र इन्द्राणियों ने मण्डल पर 130 श्रीफल अघ्र्य समर्पित किए।

विधान मे संगीतकार सौभागमल सोगानी एवं विमल पाटनी ने मधुर भजनों के साथ पूजा अर्चना करवाई, जिस पर प्रेमचंद जैन, विमल जैन, रमेश जैन, नितेश जैन, पवन जैन, गुडिय़ा जैन, दिव्या जैन ने भक्ति नृत्य किया। विधान में नवदेवता पूजा,चन्द्रप्रभु पूजा के साथ शान्तिमण्डल विधान की पूजा अर्चना की।

विधान के पश्चात शांतिनाथ भगवान की महाआरती उतारी। इस दौरान विधान की पूर्णाहुति पर शिमला जैन एवं दिव्या जैन द्वारा कई महिलाओं के साथ मंगल कलश को स्थापित किया। इस अवसर पर जिनेन्द्र जैन, कशिश जैन, विनोद जैन, सन्तोष जैन, मैना जैन, अमन जैन, पदमा जैन, गुडिया जैन मौजूद थे।

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