60 फीसदी से अधिक मजदूर लौटे काम पर, रीको की 69 प्रतिशत से अधिक इकाइयों में उत्पादन शुरू

60 फीसदी से अधिक मजदूर लौटे काम पर, रीको की 69 प्रतिशत से अधिक इकाइयों में उत्पादन शुरू

 

By: pawan sharma

Updated: 21 Sep 2020, 06:45 PM IST

टोंक. कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन की वजह से औद्योगिक इकाइयों के बन्द होने के कारण 90 प्रतिशत से अधिक बेरोजगार हुए प्रवासी मजदूर वापस अपने घरों की ओर लौट गए थे। खाद्य पदार्थ की कमी को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से कोविड की शर्तों के अनुसार आवश्यक सेवाओं को जारी रखने के लिए कुछ खाद्य पदार्थ की इकाइयों को चालू रखने की स्वीकृति दी थी, जिनमें फूड चेन बनाए रखने के लिए स्थानीय मजदूरों से काम लिया जा रहा था। खाद्य-पदार्थ की इकाई के अलावा जिले की अन्य इकाइयों में उत्पादन का कार्य बंद था, लेकिन गिरती अर्थ व्यवस्था को सम्भालने के लिए सरकार की ओर से जारी नियमों के तहत उद्योग व्यवसाय को फिर से शुरू किया गया है।

69 प्रतिशत से अधिक इकाइयां हुई शुरू
जिला उद्योग केन्द्र के प्रबंधक शैलेन्द्र शर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण बंद हुए उद्योगों के फिर से शुरू होने पर प्रवासी मजदूर भी वापस अपने काम पर लौटने लगे है। लॉकडाउन से पहले जिले की 536 इकाइयों में 7204 मजदूर कार्य कर रहे थे। अनलॉक में अभी 370 इकाइयों में उत्पादन शुरू हो गया है, जिनमें 4330 प्रवासी मजदूर कार्य कर रहे है। ऐसे में उद्योगों के शुरू होने के साथ ही प्रवासी श्रमिक भी अपने गांवों से काम पर वापस लौट रहे है।

जिले में अब तक 60 प्रतिशत से अधिक श्रमिक वापस लौट आए है। शर्मा ने बताया कि सभी कार्यरत इकाइयों का समय-समय पर दौरा कर कोविड-19 के नियमों की पालना के लिए संचालकों को दिशा-निर्देश देकर सरकार की ओर से जारी एडवाईजरी के अनुसार ही श्रमिकों से इकाइयों में कार्य कराया जा रहा है।

सबसे अधिक व कम निवाई में
लॉकडाउन से पहले सबसे ज्यादा इकाई वाले निवाई द्वितीय ओद्योगिक क्षेत्र में 163 इकाईयों में 1858 श्रमिक कार्य कर रहे थे, वहीं लॉकडाउन के बाद अब 125 इकाइयों में कार्य सुचारू रूप से चल रहा है, जिनमें 1565 श्रमिक कार्य कर रहे है। जिले में सबसे कम इकाइयों वाला औद्योगिक क्षेत्र निवाई द्वितीय है।

इसमें लॉकडाउन से पहले से 25 इकाइयों में 1775 श्रमिक कार्य कर रहे थे, लेकिन अब यहां पर भी 18 इंकाइयों में 865 श्रमिक ही कार्य कर रहे है। निवाई पुराना औद्योगिक क्षेत्र में भी लॉकडाउन से पहले 58 इकाइयों में 588 श्रमिक काम कर रहे थे, लेकिन यहां पर भी लॉकडाउन के बाद अब 42 इकाइयों में 580 श्रमिक काम के लिए वापस आ गए है।

चार बड़ी इकाइया नही हुई बंद

23 मार्च को लगे लॉकडाउन के बाद भी जिले की चार बड़ी इकाइयों में सरकार की ओर से जारी कोविड-19 की पालना में उत्पादन चालू था, यहां के श्रमिकों को इकाइयों में प्रवेश करने से पूर्व सरकार के दिशा-निर्देशों की पालना करवाई जाती थी। इनमें से उनियारा क्षेत्र की कल्पतरू पॉवर ट्रांसमिशन, गुंसी में एनबीसी, निवाई में सिद्धार्थ पॉलिसेक व डाबर जैसी बड़ी इकाइयां शामिल है।


यहां इतनी इकाइयां, इतने श्रमिक कार्यरत
रीको टोंक के क्षेत्रिय प्रबंधक सीताराम मीणा ने बताया जिले में छह औद्योगिक क्षेत्रों में से देवली स्थित रीको में लॉकडाउन से पहले 98 इकाइयों में 904 श्रमिक कार्य कर रहे थे। यहां भी लॉकडाउन के बाद शुरू हुई 78 इकाइयों में 340 श्रमिक ही कार्य पर लौटे है। इसी प्रकार टोंक औद्योगिक क्षेत्र में भी लॉकडाउन से पहले 95 इकाइयों में 1159 श्रमिक कार्यरत थे।

यहां पर भी लॉकडाउन के बाद 52 इकाइयों में 675 श्रमिक वापस काम पर लौट आए है। इसी प्रकार मालपुरा में भी लॉकडाउन से पहले 97 इकाइयों में 920 श्रमिक मजदूरी कर रहे थे, लेकिन यहां पर भी लॉकडाउन के बाद अब 55 इकाइयों में 305 श्रमिक ही काम पर वापस लौटे है।

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