देवली में सांसद-मंत्री आए, मालाएं पहनी और घोषणाएं कर भूल गए

केबिनेट मंत्री, सांसदों की ओर किए गए वादे व घोषणाएं खोखले साबित हो रहे है।

By: pawan sharma

Published: 10 Feb 2018, 12:45 PM IST

राजेन्द्र बागड़ी
देवली. शहर व क्षेत्र के सार्वजनिक समारोह में भाग लेने आएं विभिन्न महकमों के केबिनेट मंत्री, सांसदों की ओर किए गए वादे व घोषणाएं खोखले साबित हो रहे है। समारोह में आएं इन जनप्रनिनिधियों ने जोश-जोश में घोषणाएं तो कर दी, लेकिन इनकी क्रियान्विति आज भी कोसों दूर है। इससे आमजन को निराशा हाथ लगी है।

 

बहरहाल चाहे कुछ भी हो इस बार भी जनता को महज मन मसोस कर रहना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों की घोषणाओं व आश्वासनों की पोल खोलती पत्रिका की रिपोर्ट।

 

केस नं-1- दो साल बीते अब बनवाओ सडक़-


नेगडिया पुल करीब 18 माह में 68 करोड़ रुपए की लागत से पुलिया तैयार हुआ, जो बीसलपुर डूब के दौरान कटी एक दर्जन पंचायतों को देवली मुख्यालय से जोड़ती है। पुलिया गत 17 फरवरी 2016 को प्रदेश के सार्वजनिक निर्माण मंत्री युनूस खान ने लोकार्पण किया। जिसमें क्षेत्रीय सांसद सुखबीर सिंह व विधायक राजेन्द्र गुर्जर ने भी भाग लिया।

इस दौरान क्षेत्रीय लोगों ने उक्त पुलिया को जोडऩे वाली सडक़ के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी तथा बताया कि इसके नवीनीकरण किए उक्त पुलिया का लोगों को लाभ नहीं मिलेगा। इस पर मंत्री खान ने 19 करोड़ रुपए की लागत से उक्त मार्ग के नवीनीकरण की घोषणा सार्वजनिक मंच से कर डाली। घोषणा को बीते करीब दो वर्ष पूरे होने को है, लेकिन घोषणा पर आज तक अमल नहीं हुआ। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों के दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है तथा इससे लोग नाराज है।

 

केस नं-2- मंत्रालय ही बदल गया-
गत दो वर्ष पूर्व तत्कालीन स्वास्थ्य व चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कोटा जाने के दौरान देवली राजकीय अस्पताल का निरीक्षण किया। जहां चिकित्सकों व भाजपा कार्यकर्ताओं ने लम्बे अरसे से खराब पड़ी सीआर्म मशीन की शिकायत बताई। इस पर मंत्री ने तत्काल मशीन को दुरुस्त करने के अपने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए।

इस दौरान मंत्री ने एक पखवाड़े के भीतर मशीन दुरुस्त करवाने को कहा, लेकिन दो वर्ष बाद भी मशीन दुरुस्त हुई न दूसरी आई। वहीं पिछले दिनों आई तकनीकी टीम से इसे नकारा कर दे दिया। जबकि अब तो स्वास्थ्य महकमे के मंत्री ही बदल गए।

 

 

केस नं-3- घोषणाओं में सांसद भी पीछे नहीं-
शहर के छतरी चौराहा व्यापारिक क्षेत्र में वर्षों से बारिश का पानी भरने तथा दुकानों में पानी प्रवेश की करने की समस्या थी। व्यापारियों की गुहार पर क्षेत्रीय सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया भाजपा कार्यकर्ताओं के दल-बल के साथ छतरी चौराहा पहुंचे।

जहां उन्होंने दर्जनों व्यापारियों की मौजूदगी में छतरी से ममता सर्किल तक की सडक़ पुन: खोदकर व तकनीकी रुप से बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। वहीं दो दिन में यह काम शुरू कराएं जाने के निर्देश जारी किए। हांलाकि काम दो दिन में शुरू हुआ, जहां जेसीबी मशीन आई, लेकिन तीसरे दिन काम वापस बंद हो गया। जिसका क्षेत्र के व्यापारी आज तक इन्तजार कर रहे है।

 

 

केस नं-4- मंत्री की घोषणा भी हवा-
गत दिनों देवली-उनियारा-टोंक पेयजल योजना की शुरुआत को लेकर पटेल नगर स्थित देवली फिल्टर प्लांट पर आएं जलदाय मंत्री सुरेन्द्र गोयल ने भी कुछ ऐसी ही घोषणा सार्वजनिक मंच से कर डाली। जिसकी क्रियान्विति को कोई अता-पता नहीं है।

मंत्री को शहरवासियों ने जलापूॢत वितरण व्यवस्था की गड़बडिय़ों की जानकारी दी। इसमें बताया कि नीचे वाली कॉलोनियों में जलापूर्ति सुचारु है। जबकि ऊंचाई पर बसी कॉलोनियों में जल संकट बना हुआ है। ऐसे में मंत्री गोयल ने समूचे शहर की जल वितरण व्यवस्था का पुन: नवीनीकरण कराकर पानी की दो टंकिया ओर बनाने की मांग की। इस घोषणा पर आज तक अमल नहीं हुआ।

लुभाने के लिए कर रहे घोषणाएं
सांसद, मंत्री एवं विधायक लोगों को लुभाने के लिए घोषणाएं कर रहे है, जिनकी क्रियान्विति आज भी दूर तक दिखाई नहीं दे रही है। यदि काम नहीं करना था, तो घोषणाएं क्यों की।
अर्चना शर्मा, पीसीसी मीडिया चेयरपर्सन, राजस्थान।

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