मंत्री ने अनुसंधानों की सराहना करते हुए 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना करने की बात कही

पशुपालन के क्षेत्र में अनुसंधानों की सराहना करते हुए अधिक से अधिक किसानों तक इसका लाभ पहुंचाने को कहा।

 

By: pawan sharma

Published: 09 Dec 2017, 01:29 PM IST

 

मालपुरा. केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान अविकानगर में शुक्रवार को राष्ट्रीय भेड़ एवं किसान मेले का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने संस्थान द्वारा पशुपालन के क्षेत्र में किए जा रहे अनुसंधानों की सराहना करते हुए अधिक से अधिक किसानों तक इसका लाभ पहुंचाने को कहा।

 

 

वैज्ञानिकों को प्रधानमंत्री की मंशानुसार वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए अधिक से अधिक अनुसंधान करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा भेड़ पालन के क्षेत्र में अपनाई गई नवीन तकनीकी से तैयार ‘अविनाश’ भेड़ व कृत्रिम गर्भाधान के क्षेत्र में किए गए अनुसंधानों का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे। केन्द्र सरकार ने पहली बार फसल बीमा योजना, मृदा जांच योजना लागू कर किसानों को राहत देने का प्रयास किया है।

 


नई तकनीक खोजें
समारोह की अध्यक्षता करते हुए सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने कहा कि संसदीय क्षेत्र में बरसात की कमी से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसके लिए संस्थान के वैज्ञानिकों को क्षेत्र की स्थिति को देखकर खेतों में अधिक उत्पादन वाली फसलों की नवीन तकनीक खोज कर किसानों तक पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए।

 

समारोह को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के उपमहानिदेशक (पशु विज्ञान) डॉ. जे. जैना ने भी सम्बोधित किया। संस्थान निदेशक डॉ. अरुणकुमार तोमर ने संस्थान की गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि संस्थान भेड़-बकरी पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर चुका है। अब गाय-भेड़ अनुसंधान पर तकनीक विकसित करने की स्वीकृति मिलती है तो किसानों की आमदनी को दोगुना किया जा सकता है।

 


समारोह में जिला प्रमुख सत्यनारायण चौधरी, जिला कलक्टर सूबेसिंह यादव, पुलिस अधीक्षक प्रीति जैन, पालिकाध्यक्ष सपना टेमाणी, प्रधान सरोज चौधरी, पूर्व विधायक जीतराम चौधरी, केन्द्रीय ऊन विकास बोर्ड के कार्यकारी निदेशक जे. के. मीना, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहायक महानिदेशक डॉ. आर. एस. गांधी, राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान हिसार के निदेशक डॉ. जी. एन. त्रिपाठी, केन्द्रीय बकरी अनुसंधान मथुरा के निदेशक डॉ. एम. एस. चौहान, राष्ट्रीय शुष्क बागवानी बीकानेर के निदेशक डॉ. पी. एल. सरोज, राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केन्द्र बीकानेर के निदेशक डॉ. एन. वी. पाटील, केन्द्रीय भेड़ फार्म हिसार के निदेशक डॉ. एल. सी. रंगा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक डॉ. ए. रहमान भी मौजूद थे।

 


इससे पहले अतिथियों ने संस्थान के विभिन्न सेक्टर का भ्रमण कर अनुसंधानों की जानकारी ली। प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया। संस्थान द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया गया। पीआर सेल प्रभारी डॉ. आर. सी. शर्मा ने अतिथियों का आभार जताया।

 

 

 

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