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पीएम ग्रामीण आवास योजना: टोंक जिला प्रदेश में आखिरी पायदान पर, 13576 आवास का निर्माण है बाकी

गरीबों को छत दिलाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री आवास योजना में जिला प्रदेश में 33 वें पायदान पर है। सत्र समाप्त होने की ओर से वहीं जिला अब भी लक्ष्य से 13576 आवास निर्माण से दूर है।

टोंक

Published: March 16, 2021 07:22:32 am

टोंक. गरीबों को छत दिलाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री आवास योजना में जिला प्रदेश में 33 वें पायदान पर है। सत्र समाप्त होने की ओर से वहीं जिला अब भी लक्ष्य से 13576 आवास निर्माण से दूर है। लक्ष्य के अनुरूप आवास निर्माण नहीं होने पर प्रशासन की ओर से विकास अधिकारियों व ग्राम विकास अधिकारियों को नोटिस भी जारी किए गए है।
पीएम ग्रामीण आवास योजना: टोंक जिला प्रदेश में आखिरी पायदान पर, 13576 आवास का निर्माण है बाकी
पीएम ग्रामीण आवास योजना: टोंक जिला प्रदेश में आखिरी पायदान पर, 13576 आवास का निर्माण है बाकी
वहीं अधिकारी गत वर्ष कोरोना महामारी के कारण देशभर में लगे लॉकडाउन व बजरी-पत्थर खनन पर रोक के कारण गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना निर्माण में भी बाधा आना मान रहे है, जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में टोंक से कई अधिक प्रतिशत कार्य हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना में जिले को मिले लक्ष्य के अनुरूप अभी तक 64.49 आवासों का निर्माण कार्य ही पूरा हो पाया है।
सत्र 2020-21 में 6616 लक्ष्य के मुकाबले मात्र 205 आवास का ही निर्माण हो पाया है। जबकि सत्र 2016-17 में 5359 लक्ष्य के मुकाबले 4992, सत्र 2017-18 में 3879 लक्ष्य के मुकाबले 3599, सत्र 2018-19 8594 लक्ष्य के मुकाबले 7709, सत्र 2019-20 में 13793 लक्ष्य के मुकाबले में 8156 आवासों का निर्माण किया गया है। जानकारों का कहना है कि 23 मार्च 2020 से लगे लॉकडाउन के बाद निर्माण सामग्री, आर्थिक तंगी व मजदूरों के हुए पलायन के कारण आवास निर्माण के कार्य की प्रगति धीमी हुई है।
यह मिला था जिले को लक्ष्य

प्रधानमंत्री आवास योजना में जिले को 2016-17 में मार्च 2020-21 तक 38237 आवासों का निर्माण कराए जाने के लक्ष्य के विपरित अभी तक 2466 आवासों का ही निर्माण हो पाया है। जबकि लक्ष्य के अनुरूप सभी आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण किए जाने के लिए 31 मार्च 2021 तक का समय ही शेष रहा है। यानि के बचे हुए 13376 आवास का इसी वित्तीय वर्ष के 17 दिवस में निर्माण पूरा किया जाना है।
यह है जिले की प्रगति
जिले में निवाई पहले व देवली दूसरे स्थान पर है। इसी प्रकार टोंक तीसरे , टोडारायसिंह चौथे व उनियारा पांचवें स्थान पर चल रहा है। जबकि मालपुरा छठे स्थान पर है। जिले को मिले लक्ष्य के मुकाबले अभी तक 64.49 प्रतिशत ही आवासों का ही निर्माण हुआ है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवनीत कुमार ने बताया कि पीएम आवास योजना में उनियारा के लिए 5035, टोडारासिंह के लिए 6156, टोंक के लिए 5752, देवली लिए 7882, निवाई के लिए 2391 व मालपुरा के लिए 11012 सहित कुल जिले में चयनित 38237 लाभार्थी को पीएम आवास के लिए स्वीकृति जारी की गई थी।
जिसमें 36277 को प्रथम किस्त, 29231 को द्वितीय किस्त, 24531 को तृतीय किस्त व 2466 को अंतिम किस्त जारी कर दी गई है। नवनीत कुमार ने बताया कि उनियारा में 56.25, टोडारायसिंह में 62.13, टोंक में 7069, देवली में 73.89 निवाई 81.65 व मालपुरा में 55.89 प्रतिशत आवास का निर्माण पूरा कर लिया गया है।
सब्सिडी देती है सरकार
प्रधानमंत्री आवास योजना में ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब लोगों को आवास बनाने के लिए सरकार की ओर से एक लाख 20 हजार रुपए का अनुदान दिए जाने को प्रावधान है। यह अनुदान आवेदक को चार किस्तों में दिया जाता है। पहली किस्त नींव डालते समय, दूसरी किस्त निर्माण कार्य का 50 फ ीसदी होने पर, तीसरी किस्त निर्माण कार्य का 80 फीसदी होने पर और चौथी किस्त निर्माण कार्य पूरा करने के बाद मिलती है। अगर लाभार्थी स्वच्छ भारत अभियान के तहत घर में शौचालय का निर्माण भी करता है तो उसे इसके लिए अलग से12000 रुपए दिए जाते हैं।

समीक्षा की जा रही है
प्रधानमंत्री आवास योजना में मिले लक्ष्य को पूरा किए जाने के विभाग की ओर से पूरे प्रसास किए जा रहे है। प्रतिदिन आवास निर्माण कार्य को गति देने के लिए समीक्षा की जा रही है। जिला कलक्टर के निर्देशों के अनुसार सभी सम्बंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को भी अपने क्षेत्रों में भेजकर निर्माण सम्बन्धी सभी आवश्यक कार्रवाई कर शेष रहे आवासों का निर्माण भी जल्द पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए है।
नवनीत कुमार , सीईओ जिला परिषद टोंक

इनका कहना है
प्रधानमंत्री आवास योजना में चयनित लाभार्थियों को भवन निर्माण के लिए अभियान चलाकर जागरूक किया जाएगा। कोरोना के कारण अर्थिक मंदी के चलते कई लाभार्थियों ने प्रथम व द्वितीय किस्त लेने के बाद आवास निर्माण का कार्य बंद कर दिया। जिस कारण कईयों का निर्माण भी अधूरा पड़ा हुआ है। योजना में आवास निर्माण के लिए स्वयं की खातेदारी भूमी होना आवश्यक है। ऐसे में जिनके पास स्वंय की भूमी नही है उनको जमीन का आवंटन में हो रही देरी के कारण भी निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। जिले के सभी जनप्रतिनिधियों व कर्मचारी अधिकारियों को निर्माण कार्य में आ रही परेशानियों को प्राथमिकता के आधार पर हल कर पात्र चयनित को योजना का लाभ दिलवाएं जाने के लिए कहा गया है। सरोज बंसल , जिला प्रमुख टोंक।

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