जिले में कोरोना वैक्सीन की तैयारी

सरकार ने मांगी संशाधन की रिपोर्ट
प्रथम चरण में बन रही है सूचियां
टोंक. कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए सरकार की ओर से तैयार की जा रही वैक्सीन को लेकर जिले में तैयारियां शुरू हो गई है।

By: jalaluddin khan

Updated: 17 Nov 2020, 07:54 PM IST

जिले में कोरोना वैक्सीन की तैयारी
सरकार ने मांगी संशाधन की रिपोर्ट
प्रथम चरण में बन रही है सूचियां
टोंक. कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए सरकार की ओर से तैयार की जा रही वैक्सीन को लेकर जिले में तैयारियां शुरू हो गई है।

प्रथम चरण में संशाधनों की सूची तैयार की जा रही है। हालांकि अभी वैक्सीन की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वैक्सीन बन गई और भेजी जाए तो उसे कैसे उपयोग में लिया जाए और कहां रखा जाए इसको लेकर तैयारियां शुरू हो गई है।

चिकित्सा विभाग के अनुसार वैक्सीन रखने के लिए जिले में 59 कॉल्ड पॉइंट बनाए जाएंगे। वैक्सीन के लिए जिले के 79 सरकारी व 31 निजी संस्थानों की मदद ली जाएगी।

सरकार की ओर से मिले निर्देश के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जिले में नियुक्त सभी हैल्थ वर्कर (चिकित्सक, जीएएनम, एएनएम, लैब टेक्नीशियन, आशा सहयोगिनियां, निजी चिकित्सालय स्टॉफ) की सूची बना रहा है। इसमें सभी की ड्यूटी लगाई जाएगी। फिलहाल सूचीबद्ध करना जारी है।

290 चिकित्सा केन्द्र है
जिले में 290 चिकित्सा केन्द्र है। इनमें उप स्वास्थ्य केन्द्र, सामूदायिक स्वास्थय केन्द्र व जिला मुख्यालय स्थित चिकित्सालय शामिल हैं। इनमें से 44 पीएचसी तो पहले के हैं और 15 हाल ही में तैयार हुए हैं।

ऐसे में चिकित्सा विभाग 44 पीएचसी समेत 59 में कॉल्ड पॉइंट बनाएगा। यह पूरे जिले को कवर करेगा। ताकि वैक्सीन आसानी से हर जगह पहुंचाई जा सके।

वहीं वैक्सीन उपयोग की गाइड लाइन अब जारी होगी। फिलहाल चिकित्सा विभाग के पास वैक्सीन के उपयोग की जानकारी नहीं है कि मरीज को कितनी व कब लगानी है।

लगातार बढ़ रहे हैं मरीज
जिले में कोरोना संक्रमण के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। जिले में मंगलवार को भी 30 पॉजिटिव आए हैं। ऐसे में कुल पॉजिटिव की संख्या 2441 हो गई है।

अभी भी बकाया 1169 नमूनों की जांच बाकी है। चिकित्सा विभाग ने मंगलवार को 563 नमूने और लिए हैं। जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। ऐसे में कुल 1732 नमूनों की जांच आनी बाकी है।


बार-बार इन्फ्रास्ट्रक्चर बदलने से हो रही है देरी
जिला मुख्यालय स्थित सआदत अस्पताल में जल्द ही कोरोना जांच की सुविधा शुरू होगी। अस्पताल में कोरोना जांच के लिए एक करोड़ रुपए की लागत से बनाई जा रही कोविड-19 लैब व वार्ड को शुरू होने में अभी कुछ दिन और लगेंगे।

सआदत अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन्द्र पाठक ने बताया कि कोरोना जांच के लिए आवश्यक मशीन अस्पताल को मिल चुकी है। नोएडा से आए विशेषज्ञों ने मशीनों के स्टॉलेशन का कार्य शुरू कर दिया है। गत दिनों उच्चाधिकारियां व विशेषज्ञों के द्वारा अस्पताल के निर्माणाधीन कोविड-19 लैब व वार्ड के निरीक्षण के दौरान मिले दिशा-निर्देशों के अनुसार लैब के इन्फ्रास्ट्रक्चर में परिवर्तन किए जाने के कारण कुछ देरी हुई है।

पाठक ने बताया कि गत दिनों जयपुर स्थित एसएमएस में कोरोना जांच प्रशिक्षण के लिए गए चार लैब टेक्नीशियन व दो चिकित्सक प्रशिक्षण पूरा कर आ चुके हैं। साथ ही एक माइक्रोबायोलॉजिस्ट भी जयपुर से टोंक सआदत अस्पताल में कोविड-19 लैब के लिए नियुक्त किया गया है।

पाठक ने बताया कि लैब में नोडल अधिकारी डॉ शिल्पी बैनर्जी व जयपुर से आए माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. धीरज खण्डेलवाल की देखरेख में कोरोना जांच के लिए क्वालिटी कंट्रोल का कार्य शुरू किया है।

राज्य सरकार ने लैब में उपकरण के लिए 85.30 लाख रुपए तथा विविध जरूरत के लिए 20 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है। इस लैब शुरू हो जाने से कोरोना की जांच के लिए सेम्पल जयपुर नहीं भेजना पड़ेगा।

वहीं जांच के बाद रिपोर्ट भी जल्दी ही मिल जाएगी। कोविड-19 वार्ड व लैब के सफल संचालन के लिए विभाग की ओर से अतिरिक्त डॉक्टर व लैब टेक्नीशियन सहित अन्य स्टाफ लगाने के लिए प्रक्रिया चल रही है।

तैयारी की जा रही है
सरकार की ओर से वैक्सीन को लेकर जिले की जानकारी मांगी गई है। इसके तहत चिकित्साकर्मियों समेत अन्य की सूची तैयार की जा रही है। यह प्रथम चरण है। अगला कार्य गाइड लाइन आने के बाद होगा।
- डॉ. महबूब अंसारी, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी टोंक

jalaluddin khan Reporting
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