वसूले करोड़ों, सुविधा एक आने की नहीं

वसूले करोड़ों, सुविधा एक आने की नहीं
टोंक में रोडवेज डिपो स्थित बस स्टैण्ड।

Mohan Lal Kumawat | Publish: Feb, 22 2019 10:26:01 AM (IST) | Updated: Feb, 22 2019 10:26:02 AM (IST) Tonk, Tonk, Rajasthan, India


टोंक. नगर परिषद 71 सालों से लोगों से यात्री कर वसूल कर रही है, लेकिन सुविधा आज तक नहीं दी है। अब यात्रियों को इस कर के बदले पूरी सुविधा मुहैया कराने के लिए स्थायी लोक अदालत ने नगर परिषद को आदेश दिए हैं।


टोंक. नगर परिषद 71 सालों से लोगों से यात्री कर वसूल कर रही है, लेकिन सुविधा आज तक नहीं दी है। अब यात्रियों को इस कर के बदले पूरी सुविधा मुहैया कराने के लिए स्थायी लोक अदालत ने नगर परिषद को आदेश दिए हैं।

 


इसमें कहा कि जब यात्रियों से कर वसूला जा रहा है तो उन्हें सुविधाएं क्यों नहीं दी जा रही है। ये आदेश स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष रविकुमार गुप्ता व सदस्य शैलेन्द्र गर्ग की खण्डपीठ ने नगर परिषद के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई करते हुए हैं।

 

नगर परिषद यह कर रोडवेज से प्रति यात्री के हिसाब से वसूल करता है। सर्व सेवा संस्थान के अध्यक्ष एडवोकेट महावीर तोगड़ा ने न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी। इसमें बताया था कि शहर में मोटर स्टैण्ड बनाने के लिए टोंक रियासत के म्यूनिसिपल बोर्ड ने एक जनवरी 1948 गजट में नोटिफिकेशन जारी किया था।

 


इस रियासत नोटिफिकेशन के तहत शहर में आने वाले प्रत्येक यात्रियों से एक आना (6 पैसे) मोटर स्टैण्ड टैक्स वसूलने का निर्णय किया था। टोंक रियासत के भारतीय संघ में विलय होने के बाद भी नियमित व वैधानिक तौर पर ये कर वसूला जाता रहा है।

 

इसकी दरें समय-समय पर बढ़ाई भी गई है। वर्तमान में राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के टोंक आगार के बस स्टैण्ड से जितने भी यात्री प्रतिदिन रोडवेज बसों में शहर में आते हैं या जाते हैं। उनसे एक रुपया प्रति टिकट यात्री कर के नाम से राशि ली जाती है।

 


ऐसे में अब तक नगर परिषद करोड़ों रुपए का यात्री कर वसूल कर चुकी है। इसके बावजूद शहर के रोडवेज बस स्टैण्ड पर नगर परिषद की ओर से यात्रियों की सुविधाएं तो छोडऩे बैठने तक की व्यवस्थाएं नहीं की गई है।

 

रोडवेज बस स्टैण्ड पर तो फिर भी सुविधा है, लेकिन डिपो स्थित स्टैण्ड पर तो यात्री को खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है।

 


वहीं नगर परिषद इस राशि को अन्य कार्यों में उपयोग कर रही है। ऐसे में नगर परिषद ने शपथ-पत्र दिया कि भविष्य में उक्त यात्री कर से प्राप्त होने वाली राशि से यात्रियों की सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा।

 

इस पर स्थायी लोक अदालत ने महावीर तोगड़ा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए नगर परिषद को आदेश दिए गए ये राशि यात्री सुविधा पर ही खर्च की जाए।प्रदेश में तीन निकाय वसूल करती है

 


एडवोकेट महावीर तोगड़ा ने बताया कि प्रदेश में महज तीन नगर निकाय ही यात्री कर वसूल करती है। इसके अलावा अन्य कोई निकाय राशि नहीं लेती है। उन्होंने बताया कि टोंक के अलावा माउंट आबू तथा पुष्कर नगर पालिका भी यह कर वसूल करती है।

 




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