टोंक. जिलेभर में शुक्रवार को घास भैरूं की सवारी निकाली गई। शहर में ये सवारी पुरानी टोंक स्थित कालाबाबा से पूजा के बाद रवाना हुई। ट्रैक्टर से शुरू हुईमें महिलाएं मंगल गीत गाती चल रही थी।

 

वहीं लोग भैरूंजी को बीच-बीच में मदीरा का भोग लगाते चल रहे थे। जहां भी भोग की जरूरत होती वहीं भैरूंजी मचल जाते। ऐसे में ट्रैक्टर रुक जाता। इसके बाद लोग भैरूंजी को भोग लगाते तो वे आगे बढ़ते। उनकी सवारी मालपुरा गेट, सब्जी मंडी होते हुए घंटाघर पहुंची। जहां विश्राम हुआ।

 

यहां पूजा, मदीरा का भोग तथा ढोक लगाने के बाद सवारी रवाना हुई। जो मेहंदवास गेट, बाबरों का चौक, छोटा बाजार होते हुए माणक चौक स्थित ससुराल पहुंचे।

 

जहां महिलाओं ने मंगल गीत गाए। इस दौरान मोहनलाल गुर्जर, लादूराम सैनी, पंकज सैनी, टीकाराम सैन, राजेश कुमार, शंकर, कैलाशचंद, ताराचंद आदि मौजूद थे। इस दौरान भैरूंजी के जयकारों से शहर गुंजायमान हो गया।

 


नगरफोर्ट. कस्बे के बड़े बस स्टैण्ड से घांस भैंरू समिति की ओर से घांस भैंरूकी सवारी विधिवत पूजा अर्चना के साथ हरिशंकर धाकड़ ने रवाना की। इसके बाद भैंरूजी की सवारी बैण्ड-बाजे के साथ सीनियर सैकण्डरी स्कूल चौराहा, कचहरी चौक, मुख्य बाजार से होती हुई गुजरी जहां कस्बेवासियों ने भैंरूजी की जगह-जगह पूजा-अर्चना की सवारी यथावत स्थान पहुंचकर विसर्जित हुई।

 


निकाली घांस भैंरू की सवारी
उनियारा. कस्बे में शुक्रवार सुबह को घांस भैंरू की सवारी निकाली गई। सवारी भूतेश्वर गेट से रवाना हुई, जो मुख्य रास्तो से होती हुई श्रीछप्पन जी के मंदिर पर जाकर विसर्जित हो गई।

 

सवारी के दौरान भैंरूजी का रथ कई बार नहीं खिसकने पर कई जोड़ी बैलां को जोता गया। श्रद्धालुओं ने भैंरूजी की मूर्ति पर तेल चढ़ा व नारियल फोड़ परिवार के सदस्यों को व्याधियों से बचाए रखने की कामना की।

 


टोडारायसिंह. कस्बे समेत ग्रामीण क्षेत्र में घास भैंरूजी की सवारी निकाली गई। कस्बे में पीपली चौराहा से घांस भैंरूजी की सवारी रवाना होकर मूर्ति मोहल्ला, माणक चौक से विभिन्न मार्ग होते हुए गंतव्य स्थल पहुंची।

 


इस दौरान युवाओं ने जमकर आतिशबाजी की। इसी प्रकार मोर, भासू, पंवालिया, बरवास, खरेड़ा समेत अन्य गांवों में सवारी निकाली गई।

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