video: बीसलपुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना को लगा ग्रहण, हैण्डपम्प से खारे व फ्लोराइड युक्त पानी को मजबूर है ग्रामीण्र

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By: pawan sharma

Published: 10 Jan 2019, 05:41 PM IST

टोडारायसिंह (टोंक) पत्रिका. खारे व फ्लोराइड पानी से निजात दिलाने को लेकर क्रियान्वित की गई बीसलपुर ग्रामीण जलापूॢत योजना को विभागीय अनदेखी व जल वितरण समिति के आपसी सामंजस्य के अभाव में ग्रहण लग गया है। स्थिति यह है कि करीब छह लाख बकाया राशि के चलते बावड़ी, मोर व कृषि मण्डी टोडारायसिंह पम्प हाऊस से जुड़े 109 गांवों में से करीब 42 गांवों में जलापूर्ति बंद है।

 

उल्लेखनीय है कि खारे व फ्लोराइड युक्त पानी से निजात दिलाने को लेकर पांच वर्ष पहले करोड़ों रुपए खर्च कर बीसलपुर जलापूर्ति योजना क्रियान्वित की गई, जिसमें कृषि मण्डी टोडारायसिंह पम्प हाऊस से 57 गांव, बावड़ी पम्प हाऊस से 33 तथा मोर से 19 गांवों में जलापूर्ति शुरू की गई।

 

आबादी अनुसार सार्वजनिक नल (पीएसपी) स्थापित कर नियत शुल्क वसुलने के लिए पंचायत स्तर पर जलवितरण समिति भी गठित की गई। लेकिन आपसी तालमेल के अभाव तथा नलो पर पानी भरने को लेकर आए दिन झगड़ो के बीच शुल्क जमा नहीं हो पाया।

 

स्थिति यह है कि पिछले कई वर्षों से कृषि मण्डी टोडा पम्प हाऊस से 24, बावड़ी के 7 तथा मोर के 11 गांवों में जलापूर्ति बंद है। जिनका करीब छह लाख रुपए बकाया चल रहा है। इधर, पिछले चार वर्षों से आपूर्ति के अभाव में एक दर्जन गांव के लोग हैण्डपम्प या पारम्परिक जलस्त्रोतों पर आश्रित है।

 

व्यर्थ बहते पानी पर अनदेखी

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रामीण प्रबंधन समिति व परियोजना अधिकारियों के आपसी सामंजस्य के अभाव में मनमानी राशि वसूली जा रही थी जबकि विभागीय अनदेखी के बीच सुरजपुरा फिल्टर प्लांट से दूदू वाया टोडा-मालपुरा के मध्य भूमिगत बिछाई गई पाइप से सैकड़ों गेलन पानी व्यर्थ बह रहा है। उक्त छीजत को पाटने के लिए परियोजना अधिकारी ग्रामीण पाइंट पर मनमानी राशि वसुलते है, इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।

 

- इन गांवों की बंद है जलापूर्ति
विभागीय अनुसार मोर पम्प हाऊस अन्तर्गत कुहाड़ाबुजुर्ग में 11 हजार 32, खेडल्याकलां में 5 हजार 59, मेहरू में 35 हजार 447, रीण्डल्यारामपुरा 16 हजार 255, खेडुल्याखुर्द 10 हजार 310, मोर में 43 हजार 447, मांदोलाई में 15 हजार684, नारेडा में 14 हजार 712, पथराजखुर्द में 9 हजार 799, संवारिया में 28 हजार 957 तथा मुण्डियाककला में 28 हजार 787 रुपए, बावड़ी पम्प हाऊस अन्तर्गत बरवास में 16 हजार 835, चूली में 15 हजार 916, ढीबरू में 3 हजार 264, डूंगरीखुर्द 4 हजार 536, घारेडा में 12 हजार 545, पन्द्राहेड़ा में 10 हजार 751, तिलांजू में 18 हजार 418 रुपये राशि बकाया है। इसी प्रकार कृषि मण्डी टोडारायसिंह अन्तर्गत बास चतरा के 2,660, बासेड़ा 25 हजार 236, भैरूपुरा कुमावतान 7 हजार 732, भटेडा 10 हजार 436, बोटूंदा 23 हजार 900, गणेती 22 हजार 130, गांगोलाव 1,260, कुरासिया 5 हजार 180, लक्ष्मीपुरा दण्ड 10 हजार 282, मोडियाला 25 हजार 884, रघुनाथपुरा कुमावतान 10 हजार 820, रघुनाथपुरा गुजरान 11 हजार 316, कल्याणसिंहपुरा 2 हजार 752, रामपुरा 6 हजार 805, साण्डला 10 हजार 298, सुरजपुरा 18 हजार 750, थडोली 19 हजार 422, थडोला 18 हजार, भगवानपुरा 11 हजार 266, शुभदण्ड टोपा 15 हजार 133, गोलेड़ा 6 हजार 265, खजुरिया बालाजी 1664, सालग्यावास में 8 हजार 224, बगड़ी में 12 हजार 28 रुपए बकाया होने से जलापूर्ति बंद है।



प्रबंधन समितियों के तहत राशि बकाया थी, बकाया राशि जमा होने पर ही गांवों में जलापूर्ति संभव होगी। 2011 जनगणना के अनुसार चार हजार की आबादी वाले गांवों को घर घर नल कनेक्शन योजना है। इसके अलावा कम आबादी वाले गावों में पंचायत के सहयोग से घर-घर जलापूर्ति योजना को क्रियान्वित किया जाना प्रस्तावित है।
दिनेश कुमार मीणा, सहायक अभियंता जलदाय विभाग, मोर।

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