बजरी खनन के नियंत्रण के दावे फेल होने पर राज्य सरकार ने भेजी टीम

बनास में दौड़ी खनिज विभाग की टीमें
अजमेर सर्तकता दल आया टोंक
लगातार जारी रहेगी निगरानी
बनास से गायब हो गए खननकर्ता
टोंक. जिले से गुजर रही बनास नदी में पुलिस व प्रशासन की ओर से लाख किए जा रहे प्रयासों के बावजूद भी बजरी के अवैध खनन पर नियंत्रण नहीं होने पर राज्य सरकार ने खनिज विभाग की सतर्कता टीम को टोंक लगाया है।

By: jalaluddin khan

Published: 17 Oct 2020, 04:20 PM IST

बजरी खनन के नियंत्रण के दावे फेल होने पर राज्य सरकार ने भेजी टीम
बनास में दौड़ी खनिज विभाग की टीमें
अजमेर सर्तकता दल आया टोंक
लगातार जारी रहेगी निगरानी
बनास से गायब हो गए खननकर्ता
टोंक. जिले से गुजर रही बनास नदी में पुलिस व प्रशासन की ओर से लाख किए जा रहे प्रयासों के बावजूद भी बजरी के अवैध खनन पर नियंत्रण नहीं होने पर राज्य सरकार ने खनिज विभाग की सतर्कता टीम को टोंक लगाया है।

इस टीम की सूचना मिलने पर बनास नदी से अवैध खननकर्ता गायब हो गए। सर्तकता टीम अजमेर से आई है।

इसमें सहायक अभियंता स्तर के तीन अधिकारी हैं, जो टोंक खनिज विभाग के दोनों सहायक अभियंता व अन्य कर्मचारियों के साथ जिले की बनास नदी में लगातार गश्त कर खननकर्ताओं पर शिंकजा कसेंगे। वे जहां भी जाएंगे उस इलाके का सम्बन्धित उपखण्ड अधिकारी, परिवहन, वन विभाग का रेंजर व पुलिस जाप्ता साथ रहेगा।

गुरुवार रात खनिज विभाग की टीम ने रात को टोंक से चूली, बरवास, नानेर, हमीरपुर, तिलाजूं, पीपलू, ककराज कला, देवली-भंाची आदि इलाकों में गश्त की, लेकिन उनकी सूचना पहले से ही खननकर्ताओं को मिल गई। ऐसे में वे बनास नदी से फरार हो गए।


अवैध खनन नियंत्रण नहीं होने पर लगाई टीम
दरअसल राज्य सरकार के पास रिपोर्ट जा रही थी कि टोंक जिले से गुजर रही बनास नदी में अवैध खनन पूर्ण रूप से नियंत्रित नहीं हो रहा है।

टोंक से जयपुर तक बजरी से भरे वाहन पहुंच रहे हैं। इसी का नतीजा है कि जयपुर जिले में एक भी भवन निर्माण रुक नहीं रहा है। वहीं सभी प्रकार के सरकारी निर्माण सम्बन्धित कार्य जारी है। ऐसे में राज्य सरकार ने खनिज विभाग अजमेर की सतर्कता टीम को टोंक जिले में लगाया गया है।

jalaluddin khan Reporting
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