बोर्ड तय करेगा विद्यार्थी को कितने नम्बर मिलेंगे

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कमेटी बनाई
कक्षा 10 और 12वीं के विद्यार्थियों की भेजी जा रही है सूचना
शिक्षक बना रहे हैं सत्रांक
असमंजस की बनी हुई है स्थिति
टोंक. कोरोना महामारी के चलते राज्य सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं के विद्यार्थियों को क्रमोन्नत करने के आदेश तो जारी कर दिए, लेकिन विद्यार्थियों को अंक कितने दिए जाएंगे इसको लेकर अभी तक कुछ स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में शिक्षक विद्यार्थियों को किस आधार पर नम्बर देंगे।

By: jalaluddin khan

Published: 16 Jun 2021, 09:18 PM IST

बोर्ड तय करेगा विद्यार्थी को कितने नम्बर मिलेंगे
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कमेटी बनाई
कक्षा 10 और 12वीं के विद्यार्थियों की भेजी जा रही है सूचना
शिक्षक बना रहे हैं सत्रांक
असमंजस की बनी हुई है स्थिति
टोंक. कोरोना महामारी के चलते राज्य सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं के विद्यार्थियों को क्रमोन्नत करने के आदेश तो जारी कर दिए, लेकिन विद्यार्थियों को अंक कितने दिए जाएंगे इसको लेकर अभी तक कुछ स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में शिक्षक विद्यार्थियों को किस आधार पर नम्बर देंगे।


इसको लेकर असमंजस बना हुआ है। हालांकि शिक्षा निदेशालय ने जो आदेश जारी किए हैं उसके आधार पर शिक्षक विद्यार्थियों का सत्रांक तैयार कर रहे हैं। इसमें 20 नम्बर दिए जाएंगे।


इसके तहत शिक्षक बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थी अपने दिमाग से आंकलन कर रहा है कि विद्यार्थी होशियार है तो उसे 20 में से 19 या 18 तथा कमजोर है तो 10 से 15 नम्बर देगा। इस सत्र में कोई भी परीक्षा हो जाती तो शिक्षक के लिए आसान होता नम्बर देना, लेकिन जिले की स्कूलों में अद्र्धवार्षिक, प्रीबोर्ड तथा तीनों टेस्ट नहीं हुए। ऐसे में विद्यार्थी के ज्ञान का आंकलन करना मुश्किल है। अब शिक्षक उक्त विद्यार्थी की गत परीक्षाओं के आधार पर सत्रांक देने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि इस सत्रांक की जांच विभाग करेगा। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी सत्रांक की जांच करेगी और बाद में तय किया जाएगा कि किसी विद्यार्थी को कितने नम्बर दिए जाएंगे। दूसरी ओर यह भी सामने आ रहा है कि इस साल विद्यार्थियों को मेरिट के स्थान पर ग्रेड दी जाएगी, लेकिन इसका खुलासा फिलहाल शिक्षा अधिकारी नहीं कर रहे हैं।

55 हजार विद्यार्थी है जिले में

शिक्षा विभाग के मुताबिक जिले में करीब 55 हजार 954 विद्यार्थी है। इनमें कक्षा 10 में राजकीय स्कूल में 17791, निजी में करीब 13000, कक्षा 12 में राजकीय में 13163 तथा निजी करीब 12000 विद्यार्थी है। इन विद्यार्थियों का सत्रांक इन दिनों स्कूलों में बनाने की तैयारी की जा रही है। सभी स्कूलों की ओर से प्रधानाचार्य सत्रांक सीधे ऑन लाइन माध्यकि शिक्षा बोर्ड को भेजेंगे।

फेल होना मुश्किल

शिक्षा विभाग के मुताबिक गृह कार्य को भी सत्रांक में देखा जा रहा है। हालांकि शिक्षक के ऊपर है कि किसी विद्यार्थी को कितने नम्बर मिलेंगे। ऐसे में सम्भावनाएं जताई जा रही है कि जिले में कोई भी विद्यार्थी फेल नहीं होगा।

विद्यार्थियों के हो गई मौज

बोर्ड परीक्षा निरस्त होने पर इस साल कक्षा 10 और 12वीं के विद्यार्थियों के मौज हो गई। उन्हें बिना पढ़ाई किए पास होना है। ऐसे में कई विद्यार्थी भी खुश है। कई विद्यार्थी इस लिए खुश है कि वे परीक्षा की तैयारी ही नहीं कर पाए। ऐसे में परीक्षा में बैठते तो कम नम्बर आते।

अब चलेंगी ऑन लाइन कक्षाएं

शिक्षा विभाग 19 जून से ऑन लाइन कक्षाएं चलाएगा। इसमें कक्षा एक से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थी शामिल होंगे। उन्हें टीवी और सोशल मीडिया के माध्यम से पढ़ाया जाएगा।

फिलहाल सत्रांक की तैयारी

विभाग के आदेशानुसार फिलहाल सत्रांक की तैयारी चल रही है। शिक्षक विद्यार्थियों का सत्रांक तैयार कर रहे हैं। हालंाकि कोई परीक्षा इस साल नहीं हुई, लेकिन शिक्षक विद्यार्थी के ज्ञान और पिछले साल की परीक्षा को मध्यनजर रखकर सत्रांक तैयार कर रहे हैं।
- चौथमल चौधरी, अतिरिक्त जिला शिक्षा माध्यमिक टोंक

सम्बन्धित स्कूल अपने विद्यार्थियों का सत्रांक सीधे बोर्ड के पास ऑन लाइन भेजेंगे। जहां बोर्ड की ओर से बनाई गई कमेटी उसे देखेगी। इसके बाद ही नम्बर दिए जाएंगे।
- सीताराम साहू, कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक टोंक

jalaluddin khan Reporting
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