video: बदल रहा मौसम का मिजाज लोगों पर पड़ रहा भारी, अस्पताल में बढ़ रही रोगियों की संख्या

pawan sharma

Publish: Feb, 15 2018 01:32:26 PM (IST)

Tonk, Rajasthan, India

राजकीय अस्पताल में आने वाले 40 फीसदी रोगी मौसमी बीमारियों से ग्रसित आ रहे हंै, जिन्हें चिकित्सक परामर्श दे रहे हंै।

देवली. शहर में इन दिनों बार-बार परिवॢतत हो रहे मौसम के मिजाज का लोगों के स्वास्थ्य पर विपरित असर पड़ रहा है। ऐसे में मौसम में लोग सर्दी, खांसी, बुखार सहित बीमारियों की जकड़ में आ रहे है। लिहाजा हर परिवार में औसतन एक व्यक्ति वायरल बुखार व मौसमी बीमारियों की कैद में है। दरअसल फरवरी माह की शुरुआत में तापमान में बढ़ोतरी है। इसके चलते लोगों को हल्की गर्मी का अहसास हुआ, जो करीब पहले सप्ताह तक जारी रहा।

 

 

इस दरम्यान घरों में हल्की रफ्तार में पंखे चलना शुरू हो गए, लेकिन प्रदेश में राजधानी सहित अन्य क्षेत्रों में वर्षा, बंूदाबांदी व ओले गिरने से तापमान एक बार फिर लुढक़ गया। ऐसे मेें सर्दी ने फिर से रंगत दिखाना शुरू कर दिया। वहीं फरवरी के दूसरे सप्ताह से परवान चढ़ी सर्दी पिछले तीन-चार दिनों से फिर कमजोर होती लग रही है।

 

 

 

इस मौमस में सुबह-शाम तो सर्दी का अहसास हो रहा है, लेकिन सुबह 11 से शाम 5 बजे तक गर्मी लग रही है। एक दिन ही में दो सीजन का इन दिनों लोग अहसास कर रहे है। इस स्थिति में लोग सर्दी, जुखाम, बुखार, खांसी, गले की खरास, वायरल बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, उल्टी-दस्त सहित बीमारियों का लोग शिकार हो रहे हैं। राजकीय अस्पताल में आने वाले 40 फीसदी रोगी मौसमी बीमारियों से ग्रसित आ रहे हंै, जिन्हें चिकित्सक परामर्श दे रहे हंै।

 

 

 

वहीं लोगों की कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता भी परेशानी का कारण बन रही है। कई लोग ऐसे है, जिन्हें ये रोग लम्बे समय तक जकड़े रहते हंै। इसके लिए उन्हें चिकित्सकों से करीब एक पखवाड़े तक सही उपचार लेना पड़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले रोगियों को हाई डोज के एन्टीबायटिक देने पड़ रहे है।

 

 

 

लापरवाही बन रही है कारण
चिकित्सकों का कहना है कि मौसमी बीमारियां पनपने का मुख्य कारण व्यक्ति की लापरवाही होती है। मौसम के बदलाव की संधि पर व्यक्ति मौजूदा मौसम के प्रति लापरवाह हो जाता है। लोग इन दिनों में लापरवाही बरतते हुए गर्म कपड़ों से परहेज करना शुरू कर देते हंै। वहीं ठंडे पानी का सेवन, कोल्ड ड्रिंक का उपयोग, पंखा चलाना व खुले बदन ठंडी हवा में बाहर निकलते हैं। इससे व्यक्ति मौसमी बीमारियों की चपेट में आ जाता है। चिकित्सकों का मानना है कि इस मौसम में सावधानी रखकर ही व्यक्ति इन बीमारियों से बच सकता है।

 

 

ऐसे करें बचाव
चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में ठंडे पानी के सेवन की अपेक्षा यदि उबला हुआ व गुनगुना पानी उपयोग में लिया जाए, तो यह स्वास्थ्य रक्षक होगा। वहीं लोगों को कोल्ड ड्रिक नहीं पीने, गर्म कपड़े पहने रहने, गर्मी लगने पर भी पंखा नहीं चलाने, हल्का व पौष्टिक भोजन लेने, हरी सब्जियों का अधिकाधिक उपयोग करने की बात कही। इस मौसम में हाथ धोने से भी व्यक्ति कई मौसमी बीमारियों से बच सकता है। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग ठंडे पानी से नहीं नहाना चाहिए।

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