50 साल बाद हुआ रास्ता साफ

मेडिकल, यूनानी कॉलेज व छात्रावास आने में मिलेगी सुविधा
हाइवे से चराई के लिए सुगम रास्ता
टोंक. यूसुफपुरा चराई शिक्षा का हब बनता जा रहा है। ऐसे में सोरण ग्राम पंचायत ने इसके मार्ग को सुगम बनाने की तैयारी कर ली है।

By: jalaluddin khan

Published: 21 Jun 2021, 08:52 PM IST

50 साल बाद हुआ रास्ता साफ
मेडिकल, यूनानी कॉलेज व छात्रावास आने में मिलेगी सुविधा
हाइवे से चराई के लिए सुगम रास्ता
टोंक. यूसुफपुरा चराई शिक्षा का हब बनता जा रहा है। ऐसे में सोरण ग्राम पंचायत ने इसके मार्ग को सुगम बनाने की तैयारी कर ली है।


फिलहाल यूसुफपुरा चराई जाने के लिए टोंक स्थि गणेश अन्नपूर्णा के सामने से ही रास्ता है, लेकिन ग्राम पंचायत ने सोरण व यूसुफपुरा चराई के लिए जयपुर-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग पक्का बंधा मेहगांव से चराई व सोरण के लिए 50 साल से अवरुध रास्ते को साफ कराया है।


यहां कुछ लोगों ने अस्थायी रूप से अतिक्रमण कर लिए थे। ऐसे में ग्राम पंचायत सोरण ने जेसीबी मंगवाकर उक्त मार्ग खुलवाया है। ऐसे में जयपुर-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित पक्का बंधा मेहगांव से चराई व सोरण समेत अन्य गांवों के लिए मार्ग सुगम हो जाएगा।


सोरण सरपंच दलबर गुर्जर ने बताया कि यह मार्ग 50 साल से है, लेकिन कई स्थानों पर अवरुद्ध है। ऐसे में यहां वाहन आने में परेशानी होती है। इसके चलते ग्राम पंचायत ने उक्त मार्ग को जेसीबी से साफ कराया है।

इसके चलते यूसुफपुर चराई व सोरण समेत अन्य गांवों में आने के लिए लोगों को लम्बा चक्कर लगाकर अन्नपूर्णा नहीं आना पड़ेगा।

वहीं इस मार्ग से मेडिकल कॉलेज, यूनानी कॉलेज, गुर्जर बालिका छात्रावास, नगर परिषद के डम्पिंग यार्ड व अन्य विभाग के लिए प्रस्तावित भूमि पर आने में सावधानी होगी।

आदेशों पर भी नहीं हटा अतिक्रमण
निवाई. गांव मण्डालिया में बीसलपुर विस्थापितों के लिए आरक्षित और चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटवाने के लिए जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल को ज्ञापन सौंपा।


श्रीराम, मुकेश, रामफूल, रामचंद्र, चतुर्भुज, मोती, भरतलाल, रामेश्वर, बना, सीताराम, हरिराम आदि ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन से अवगत कराया कि गांव मण्डालिया में 24 बीघा 17 बिस्वा बीसलपुर विस्थापितों के लिए आरक्षित और चरागाह भूमि में कुछ लोगों द्वारा वर्षों से अतिक्रमण कर रखा है, जिसके संबध में हाईकोर्ट ने 26 फरवरी 2021 को तीन माह में अतिक्रमण हटाने के लिए के आदेश दिया था।


हाईकोर्ट के निर्णय की प्रतिलिपि 4 मार्च 2021 को अध्यक्ष सार्वजनिक भूमि संरक्षण सेल जिला टोंक के समक्ष पेश कर सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की गुहार लगाई गई थी।


ग्रामीणों ने बताया कि उच्च न्यायालय द्वारा किए गए निर्णय में निर्धारित अवधि तीन माह पूर्ण होने के बाद भी अभी तक बीसलपुर विस्थापितों के लिए आरक्षित और चरागाह भूमि से प्रशासन द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाकर न्यायालय के आदेश अवहेलना की है। उक्त सरकारी भूमि में अतिक्रमणकारियों द्वारा काश्त की जा रही है।

jalaluddin khan Reporting
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