नफरी एवं संसाधनों के अभाव से जूझ रही जयपुर-कोटा राजमार्ग की पुलिस चौकियां

नफरी एवं संसाधनों के अभाव से जूझ रही जयपुर-कोटा राजमार्ग की पुलिस चौकियां

 

By: pawan sharma

Published: 30 Sep 2020, 08:01 PM IST

दूनी. जिला पुलिस मुख्यालय की अनदेखी के चलते क्षेत्र के थाना व चौकियों की पुलिस नफरी, संसाधन सहित विभिन्न समस्याओं से जुझ रही है। वहीं आने वाले फरियादी कई चक्कर लगाने को मजबूर है। कुछ ऐसा ही हाल है जयपुर-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित दूनी की पोल्याड़ा व घाड़ की सरोली पुलिस चौकी का,, जहां स्वीकृत से कम नफरी एवं संसाधनों के अभाव के चलते दर्जनों गांवों की सुरक्षा एवं राजमार्ग पर आए दिन होने वाली घटना-दुर्घटनाओं में पीडि़तों को भगवान भरोसे न्याय मिल पा रहा है।

उल्लेखनीय है कि पोल्याड़ा चौकी क्षेत्र में पांच बड़ी पंचायतों के करीब 32 गांवों की सुरक्षा पन्द्रह किमी राजमार्ग का जिम्मा है। चौकी पर एएसआई-1, हेड कास्टंबल-1 व कांस्टेबल-3 पद स्वीकृत है, लेकिन वर्तमान में एएसआई का पद भरा है तो कार्य अधिक होने पर हेड कांस्टेबल दूनी थाने से लगाया हुआ है, वही कांस्टेबल का एक पद भी कई माह से रिक्त चल रहा है।

सरोली पुलिस चौकी कई सालों से बगैर ‘हाकिम’(उपनिरीक्षक) के चल रही है, साथ ही चार पंचायत के दो दर्जन गांवों की सुरक्षा में जरूरत पडऩे पर पुलिस थाना घाड़ से जाप्ता मंगवा काम चलाना पड़ रहा है। चौकी पर सात कास्टेबल, एक हेड कांस्टेबल व एक उपनिरीक्षक का पद स्वीकृत है। वर्तमान में चौकी पर मात्र तीन कांस्टेबल व एक हेड कांस्टेबल कार्यरत है। आश्चर्य कि बात यह है कि 2007-08 में तत्कालीन उपनिरीक्षक अचल सिंह के स्थानांतरण होने के बाद चौकी पर आज तक उपनिरीक्षक नहीं लगाया गया है। बारह साल से कार्यरत हेड कांस्टेबल या फिर चौकी के सीनीयर कास्टेबल प्रभारी बन कार्य करते आ रहे है।


आवां में हाल बेहाल

वहीं बूंदी जिले को जोड़ती दूनी की आवां पुलिस चौकी के हाल-बेहाल है। यहां 7 पंचायत के दो दर्जन गांवों की सुरक्षा मात्र एएसआई, हेड कांस्टेबल व एक कांस्टेबल के भरोसे है। जबकि चौकी पर स्वीकृत नफरी एक एएसआई व छह कांस्टेबल की है। इधर, राजमार्ग के चारलेन निर्माण के दौरान सालों पूर्व सडक़ निर्माण निर्माण कम्पनी ने लाखों खर्च कर पुलिस चौकी भवन निर्माण कराया था। इसमें कार्यालय, बैरक, हवालात सहित सुविधाएं दी गई थी, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते नवीन भवन का उद्घाटन नहीं होने से कार्मिकों को छोटे पुराने भवन में सर्दी,गर्मी एवं बरसात की मार झेलनी पड़ रही है। साथ ही पुलिस चौकी संचालित नहीं होने से नया भवन वाहन पार्किंग बन गया।

सरकारी वाहन भी नहीं
पोल्याड़ा एवं सरोली चौकी में सरकारी वाहन नहीं होने से राजमार्ग पर होने वाली सडक़ दुर्घटना में पुलिस घायलों की मदद करने में सक्षम नहीं है। वाहन के अभाव में पुलिस घायलों को अस्पताल पहुचाने के लिए आने-जाने वाले वाहन चालकों को रोकती है या एम्बुलेंस को सूचना देती है तब तक देर हो चुकी होती है। चौकी पर नफरी की कमी से क्षेत्रवासी ही नहीं पुलिसकर्मी भी परेशान है। तेज गति से चलने वाले वाहन, ओवरलोड़, बगैर नम्बर के वाहनों पर कार्रवाई नहीं हो पाती है। साथ ही चौकी पर घरेलू विवादों को लेकर आने वाले परिवादियों के मामलों का निपटारा नहीं हो पाता, उन्हे छोटे-छोटे मामले में न्यायालय की शरण लेनी पड़ती है।

पुरे जिले में नफरी की कमी है। दूनी एवं घाड़ थाना क्षेत्र की चौकियों में नफरी की कमी की जानकारी में है। यह उच्चाधिकारियों की नजर में भी है। हम नफरी सहित सभी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत है।
वंदिता राणा, सहायक पुलिस अधीक्षक एवं उपाधीक्षक, देवली

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