'वो तो आते नहीं रात ढली जाती है'

मुशायरा व कवि सम्मेलन का आयोजन
टोंक महोत्सव
टोंक. अंजुमन (सोयायटी) खानदान-ए-अमीरिया की ओर से चल रहे टोंक महोत्सव के तहत शनिवार रात मौलाना अबुल कलाम आजाद अरबी फारसी शोध संस्थान में मुशायरा व कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें शायर व कवियों ने कलाम व कविताएं पेश कर देर रात तक शमां बांधी।

By: jalaluddin khan

Published: 22 Nov 2020, 08:48 PM IST

'वो तो आते नहीं रात ढली जाती हैÓ
मुशायरा व कवि सम्मेलन का आयोजन
टोंक महोत्सव
टोंक. अंजुमन (सोयायटी) खानदान-ए-अमीरिया की ओर से चल रहे टोंक महोत्सव के तहत शनिवार रात मौलाना अबुल कलाम आजाद अरबी फारसी शोध संस्थान में मुशायरा व कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें शायर व कवियों ने कलाम व कविताएं पेश कर देर रात तक शमां बांधी।

मुशायरे में कारी इज्जत सेफी ने 'क्या करूं किससे कहूं कोई बताए इज्जत, वो तो आते ही नहीं रात ढली जाती हैÓ पेशकर लोगों से तालियां बजवाई। राष्ट्रीय कवि प्रदीप पंवार ने 'क्या ओढ़ता था, क्या बिछाता था, फिर भी जिंदगी की धूप में गुनगुनाता था, वे बहुत खुश थे उस गरीब का चालान काट कर, उन्हें क्या मालूम वह कैसे दो वक्त की रोटी कमाता थाÓ सुनाकर लोगों की तालियां बटोरी।

पंवार ने 'रसिया की छतरी गाती है इश्क की सरगम पर गीत, सोलंकियों का गढ़ कहता है अपना सुंदर सुखी अतीत, मनमोहक जामा मस्जिद दे सद्भावी संदेश को, अन्नपूर्णा मंदिर बोले जय गणेश उदघोष को, साथ यहां पर मंदिर मस्जिद, आरती और अजान है आओ इसको करें नमन यह टोंक हमारी शान हैÓ प्रस्तुत की तो लोगों ने जमकर तालियां बजाई।

कारी नवाबी सेफी 'गमे दुनिया से है अब इतना परेशान नवाब, तुम घड़ी भर को भी आओ गजल जाएÓ, डॉ. अंजुम सेफी ने 'अंजुममं बदल के देखो निगाहों के जानिए, ऊंची उड़ाने वाले कटे पर के हो गएÓ, डॉ. सोएब सेफी ने 'यूं भी हो सकता है दिल की टूट जाए सब रगें, या इलाही इन गमों से अब रिहाई दे मुझेÓ, डॉ. नदीम सेफी ने जुल्म ढहाने का अगर आप हुनर रखते हैं, हम भी गम सहने को पत्थर का जिगर रखते हैंÓ पेश कर वाह-वाही लूटी। शायर व कवियों ने देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा।

इसके अलावा इकबाल अशहर दिल्ली, नदीम देवबंदी, शमीम अख्तर, आगरा, इमदाद अली, डॉ. जिया टोंकी, डॉ. नदीम आदि ने भी कलाम पेश कर लोगों से वाह-वाही लूटी।


कार्यक्रम में एपीआरआई निदेशक डॉ. सौलत अली खां, सोसायटी सदर युनूस अली खां, सचिव नवाबजादा हामिद अली खां, प्रवक्ता जुनेद असलम, राशिद नकवी, अब्दुल मुनीम, अनवर अली, इकबाल हसन जुगन, नजम, सईदुर्रहमान आदि मौजूद थे। मुशायरा व कवि सम्मेलन के साथ ही टोंक महोत्सव का समापन भी हो गया।

jalaluddin khan Reporting
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