दो पुलिस थानों के ‘भंवर’ में तीस किमी राष्ट्रीय राजमार्ग

दो पुलिस थानों के ‘भंवर’ में तीस किमी राष्ट्रीय राजमार्ग

 

By: pawan sharma

Published: 18 Oct 2020, 02:19 PM IST

दूनी . सालों पूर्व सरकार की ओर से दूनी व घाड़ थाना पुलिस के किए गलत परिसीमन से हुए सीमांकन का दंश आज तक राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई गावों के लोग झेल रहे है। एक ओर राष्ट्रीय राजमार्ग 52 स्थित घाड़ थाना क्षेत्र पर घटना-दुर्घटना होने पर पीड़ीत व फरियादी को पुलिस कार्रवाई के लिए तैरह किलोमीटर दूर घाड़ पुलिस थाने पर जाना पड़ता है। वहा पहुंचने के लिए तत्काल साधन उपलब्ध नहीं है।

दूसरी ओर राजमार्ग से पुलिस थाना दूनी की दूरी महज एक किलोमीटर है वह सीमा क्षेत्र में बंधे हुए है। दुर्घटना में घायल होने वाले एवं मौत होने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा, पोस्टमार्टम दूनी में किया जाता है तो मामला दर्ज सहित पुलिस कार्रवाई तैरह किलोमीटर दूर घाड़ थाने में होती है।

अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए घाड़ पुलिस तैरह किलोमीटर दूर आकर निगरानी करती है। गौरतलब है कि जयपुर-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग के भरनी से लेकर पोल्याड़ा तक 30 किलोमीटर का क्षेत्र दूनी व घाड़ थाना पुलिस में बंटा हुआ है। इसमें हेरत की बात तो यह है कि दूनी पुलिस थाने के नजदीक के गांव व राष्ट्रीय राजमार्ग तो घाड़ थाना क्षेत्र के अधीन आ रहे है तो घाड़ पुलिस को अपने क्षेत्र में जाने के लिए दूनी थाना क्षेत्र से होकर गुजरना पड़ रहा है।

राजनेताओं के आगमन पर भी दोनो थानों की पुलिस अपने-अपने क्षेत्र में ड्यूटी देने को मजबूर है। ऐसी स्थिती में राजमार्ग से लगे घाड़ थाना क्षेत्र क्षेत्र को नजदीकी दूनी थाना क्षेत्र में जोड़ दिया जाए तो यह कदम आमजन ओर प्रशासन के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होंगा। उल्लेखनीय है इस सम्बंध में पूर्व मंत्री स्व. भीखाभाई से मांग करने पर उन्होंने थाना क्षेत्रों का परिसीमन कराने का आश्वासन दिया मगर उनका निधन होने से परिसरमन कार्य नहीं हो पाया।

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