समय बीता, लोगों को नहीं मिली राहत

समय बीता, लोगों को नहीं मिली राहत

 

By: pawan sharma

Updated: 15 Nov 2020, 12:42 PM IST

टोंक . नगर परिषद के वार्ड 29 में भी एक वर्ष में विकास को कोई नया काम नहीं हुआ है। इस क्षेत्र क्षतिग्रस्त सडक़ मार्गों पर भी ध्यान नहीं दिया गया है। वार्ड 29 के लोग भी गड्ढों भरी सडक़ से परेशान है। 30 में भी इस लिंक रोड का हिस्सा आता है। पार्षदों के प्रयासों के बाद भी लोगों को गड्ढों से राहत नहीं मिली है।

वार्ड नम्बर 29: गत बोर्ड में स्वीकृत कार्य भी नहीं हुए
वार्ड में एक वर्ष के कार्यकाल में नगरपरिषद की ओर से एक भी नई सडक़ का निर्माण नहीं हुआ है। वार्ड के लोगों का कहना है कि पिछले बोर्ड में स्वीकृत कार्य भी नहीं हुए। लोगों ने बताया कि नालियों की हालत खराब है। वहीं सफ ाई भी पूरी तरह नहीं होती है।


वार्ड वासियों का कहना है कि केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं से पात्र व्यक्ति लाभान्वित नहीं हो रह, जिस कारण वास्तविक गरीब व्यक्ति को कोविड -19 के वक्त भी लाभ नहीं मिल पाया। लोगों ने बताया कि यहां पर खुले में मांस का विक्रय होता है। इस कारण इधर से गुजर ने आने जाने वालों लोगों को काफी परेशानी होती है।

लोगों ने बताया कि क्षेत्र बग्गी खाने के पास हायर सेकण्डरी रोड पर सडक़ के आधे से ज्यादा हिस्से में लगे दो ट्रांसफार्मर व उनके पैनल से सडक़ पर आए दिन दुर्घटनाएं होती है, जिसकी कई बार विभाग को शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लोगों ने यह भी बताया कि पूर्व के पार्षदों द्वारा क्षेत्र के विकास के कोई प्रयास नहीं किए गए।

वार्ड नम्बर 30: पार्किंग बने तो मिले राहत

वार्ड में सफाई कर्मचारी तो आते है, लेकिन फोरी तौर पर सफाई होने से लोग गंदगी से परेशान है। वार्ड के ही अनिल व बालकिशन का कहना है कि सफाई हो जाती है तो कई दिनों तक कचरा नहीं उठाया जाता है, बल्कि कचरा पात्र में ही आग लगा दी जाती है, जिससे प्रदूषण होता है। साथ ही ट्यूबवेल में खारा पानी होने से पेयजल की दिक्कत आती है।

वार्डवासियों का कहना है कि तख्ते में कपड़ा सहित अन्य सामग्री की दुकानें होने से यातायात की बड़ी समस्या है, जिसके लिए पार्किंग का इंतजाम होना चाहिए। इतना ही नहीं इस क्षेत्र से वाहन तो दूर की बात है, पैदल भी चलना मुश्किल रहता है। लोगों ने बताया कि वार्ड की अधिकाश सीमा मुख्य बाजार से लगती हुई है।

इस वार्ड में व्यापारिक गतिविधियां भी ज्यादा रहती है। अन्दर के क्षेत्रों में पुरानी बसावट होने के कारण छोटी-छोटी गलियों में लोगों नेे दुकानें खोल रखी है। दोनों ही जगहों पर पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है।


एक साल में वार्ड में कोई नया काम नहीं हुआ। जबकि सडक़ व नाली के प्रस्ताव दिए गए है। पूर्व में स्वीकृत सडक़ों के काम को भी वर्तमान में कैंसिल किया जा चुका है, जिनके नए सिरे से प्रस्ताव दिए गए है। 23 काऊ केचर के प्रस्ताव दिए है, उनमें से आज तक एक भी नहीं लग पाया है। सडक़ों के 32 लाख पेचवर्क के वर्क ऑर्डर भी हो गए, लेकिन अभी तक काम शुरू नही हो पाए। नगरपरिषद द्वारा विकास कार्यों में भेदभाव किया जा रहा है।


बीना जैन छामुनिया, वार्ड पार्षद

नगर परिषद टोंक में बजट के अभाव में काम अटके हुए है। वहीं सफ ाई की व्यवस्था में सुधार हुआ है। रियासत काल में बनी अपनी पहचान खो रही नायब साहब की नाल का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है, लेकिन वह की सडक़ जगह-जगह से जर्जर हो चुकी। सडक़ों व काऊ केचर सहित नालियों के प्रस्ताव दिए गए है।
अख्तर मियां, वार्ड पार्षद

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