सांप-सीढ़ी , लूडो खेल एवं कई नवाचारों के माध्यम से बालिकाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति किया जागरुक

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By: pawan sharma

Published: 03 Mar 2019, 04:25 PM IST

टोंक. रानीपुरा की एक किशोरी ने ससुराल जाने से पहले पूरी शिक्षा हासिल करने की दबंगाई ससुराल पक्ष पर दिखाई है। उसका विवाह 14 की उम्र में ही बड़ी बहन के साथ कर दिया गया था। दो साल पहले जब ससुराल की तरफ से गोने का दबाव बनाया गया तो वह नाराज हो गई और ससुर से कह दिया कि पूरी शिक्षा हासिल करने के बाद ही ससुराल आएगी।

 

किशोरी की ये जानकारी लाडो शक्ति एवं संवद्र्धन अभियान दल का कारवां जब रानीपुरा पहुंचा तो मिली। किशोरी ने बताया कि उसने ससुर के सामने हिम्मत जुटाई और साफ कह दिया पहले पढ़ाई करूंगी और विदाई 18 साल के बाद होगी। वह अभी कक्षा 11 में ही पढ़ रही है।

 

खेलनिया में आयोजित चौपाल में फिल्म लाडली और बाल अदालत के माध्यम से बाल विवाह के दोष और दुष्परिणामों के बारे में संदेश दिया। रा.उ.मा.वि गोठडा और रानीपुरा में सांप-सीढ़ी , लूडो खेल एवं कई नवाचारों के माध्यम से बालिकाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। ग्रामों मित्रों ने सामाजिक सुरक्षा की विभिन्न योजनाओं के 20 आवेदन तैयार कराए। इस दौरान ग्राम मित्र कैलाश, रोहित, गायत्री, पप्पू आदि मौजूद थे।

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