गंगा-जमुनी तहजीब वाला है टोंक

कुरआन ख्वानी के साथ टोंक महोत्सव हुआ शुरू
कई प्रतियोगिताएं भी हुई
टोंक. टोंक रियासत के प्रथम नवाब अमीरूद्दौला उर्फ अमीर खां की मोतीबाग कब्रिस्तान स्थित मजार पर कुरआन ख्वानी के साथ टोंक महोत्सव की शुरुआत हुई। स्थापना का यह वर्ष 203वां है। इसके बाद सआदत पैवेलियन में जिला कलक्टर व नगर परिषद सभापति इलेवल टीम के बीच मैत्री मैच हुआ।

By: jalaluddin khan

Published: 17 Nov 2020, 07:05 PM IST

गंगा-जमुनी तहजीब वाला है टोंक
कुरआन ख्वानी के साथ टोंक महोत्सव हुआ शुरू
कई प्रतियोगिताएं भी हुई
टोंक. टोंक रियासत के प्रथम नवाब अमीरूद्दौला उर्फ अमीर खां की मोतीबाग कब्रिस्तान स्थित मजार पर कुरआन ख्वानी के साथ टोंक महोत्सव की शुरुआत हुई। स्थापना का यह वर्ष 203वां है। इसके बाद सआदत पैवेलियन में जिला कलक्टर व नगर परिषद सभापति इलेवल टीम के बीच मैत्री मैच हुआ।

इससे पहले समारोह में जिला कलक्टर ने कहा कि टोंक गंगा-जमुनी तहजीब वाला शहर है। यहां के नवाबों ने जहां रियासत में विकास कराए। वहीं वे हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक भी थे। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवनीत कुमार भी मौजूद थे। समारोह में अतिथियों का स्वागत किया गया।

मैच से पहले जिला कलक्टर ने खिलाडिय़ों से परिचय लिया। इसके बाद हुए मैच में जिला कलक्टर ने 19 रन बनाए। सभापति इलेवन की ओर से अनस ने 72 रन बनाए तथा युनूस ने 4 विकेट लिए। इसके बाद बाल सुधार गृह में रहने वाले निराश्रित बच्चों को फल का वितरण किया गया।

साथ ही मास्क भी दिए गए। मंगलवार सुबह 10 बजे खलील क्लब में टेनिस प्रतियोगिता होगी। अंजुमन सोसायटी खानदान-ए-अमीरिया की ओर से हर साल टोंक महोत्सव का आयोजन किया जाता है।
सोसायटी सचिव साहबजादा हामिद अली खां ने बताया कि समारोह में सदर युनूस अली, प्रवक्ता जुनेद असलम, अब्दुल मुनीम, अनवर अली, मोहम्मद अहमद, राशिद नकवी, रफीउल्लाह, इम्तियाज, शकील, राजेश चंदेल, राशिद अली, सईदुर्रहमान आदि मौजूद थे।


यह है टोंक नवाबी रियासत का इतिहास
नवाबी नाजो अदा का प्रतीक टोंक शहर राजस्थान के निर्माण से पूर्व नवाबों की रियासत था। इस पर इतिहास में चर्चित रहे अमीर खां के वंशज शासन करते थे। टोंक रियासत के प्रथम नवाब अमीर खां मीर खां के नाम से ज्यादा प्रसिद्ध थे।

अमीर खां बचपन से कुशाग्र बुद्धि होशियार और बहाहुदर थे। वर्ष 1799 में अमीर खां जसवंतराव होल्कर से जुड़ गए। एक बार गोण्डा गांव में निशानेबाजी करते हुए होल्कर की आंख जाती रही। बाद में जब होल्कर की आंख का जख्म अच्छा हो गया तो जश्न मनाया गया।

इस अवसर पर होल्कर ने अमीर खां को नवाब का खिताब दिया व सिरोंज उनको दे दिया गया।

मार्च 1810 में अमीर खां मालवा से राजस्थान आ गए और 1817 तक राजस्थान में युद्ध करते रहे। राजस्थान में उनकी धाक थी।

इसके चलते 15 नवम्बर 1817 को ईस्ट इण्डिया कम्पनी से नवाब अमीर खां की एक संधि हुई। इसमें वे टोंक रियासत के नवाब बना दिए गए।

इस संधि के अनुसार जो रियासत टोंक अस्तित्व में आई उसका रकबा 553 मुरबा मील था और आमदनी 56 लाख रुपए मय जागीरात थी। उस समय आबादी लगभग चार लाख थी।

jalaluddin khan Reporting
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