खत्म होने के बाद एक बार फिर गर्माया नगरफोर्ट मामला, अब, पोस्टमार्टम की बात को लेकर हुआ विवाद

abdul bari | Updated: 04 Jun 2019, 06:24:19 PM (IST) Tonk, Tonk, Rajasthan, India

दरअसल, ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन अपनी बातों से मुकर गया है।

टोंक/नगरफोर्ट।

सोमवार देर शाम खाद्य मंत्री रमेश मीणा के आश्वासन पर समाप्त हुए धरने में मंगलवार सुबह अचानक नया पेच आ गया है। दरअसल, मृतक भजनलाल का पोस्टमार्टम टीम में नगरफोर्ट, देवली व टोंक के चिकित्सकों द्वारा तय किए जाना हुआ था। लेकिन मंगलवार सुबह एसएमएस हॉस्पिटल जयपुर के चिकित्सकों की टीम पोस्टमार्टम के लिए आई। जिसके बाद देवली उनियारा विधायक हरीश मीणा व जहाजपुर विधायक गोपी चंद के साथ लोगों ने विरोध शुरू दिया तथा जयपुर के चिकित्सकों से पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया।

 

 

Harish Meena Nagarfort

सोमवार रात इस तरह हुआ था मामला शांत


इससे पहले सोमवार रात को राज्य सरकार के खाद्य मंत्री रमेश मीणा से साथ ग्रामीणों की लंबी चली वार्ता के बाद मृतक की पत्नी को दो माह के अंदर चतुर्थ श्रेणी की स्थानीय निकाय विभाग में नौकरी दिए जाने और पोस्टमार्टम के बाद मामला दर्ज कर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सीआईडी-सीबी से जांच कराए जाने के सरकार से मिले आश्वासन के बाद धरना समाप्त करने का एलान किया गया। छह दिन से चल रहा धरना व तीन दिन से देवली-उनियारा विधायक हरीश मीणा व जहाजपुर विधायक गोपीचंद का अनशन सोमवार देर शाम साढ़े आठ बजे खत्म हुआ था। खाद्य मंत्री मीणा के आश्वासन पर विधायक हरीश मीणा के सहमति जताने के बाद जूस पिला कर अनशन खत्म करवाया गया था।

 

Ex DGP Harish Meena

हरीश मीणा ने दिया था सरकार को धन्यवाद

इस दौरान मंत्री ने बताया कहा था कि जांच में दोष सिद्ध होने पर किसी भी स्तर के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके बाद विधायक हरीश मीणा ने भी धरने को सम्बोधित कर बताया कि सरकार ने उनकी सभी मांगे मान ली है। उन्होंने मंत्री मीणा को सरकार तक मांगे पहुंचाने व मनवाने के लिए धन्यवाद दिया। वहीं शव का पोस्टमार्टम व मामले में प्राथमिकी मंगलवार को दर्ज की जाएगी।

Bhajan lal Death Case

यह हुआ था तय, जिसपर उपजा विवाद

पोस्टमार्टम के लिए नगरफोर्ट, देवली व टोंक के चिकित्सक मेडिकल बोर्ड में शामिल किए जाने की बात तय हुई थी। इसके बाद धरना स्थल से लोग अपने घरों के लिए रवाना हो गए थे। इससे पहले दोपहर चार बजे पहुंचे खाद्य मंत्री रमेश मीणा ने पहले जिला कलक्टर आरसी ढेनवाल व पुलिस अधीक्षक चूनाराम से बात कर स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद धरना स्थल पर लगे मंच पर पहुंच मंत्री मीणा ने कहा कि शव का पहले मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा कर दाह संस्कार करवाया जाए। दोष सिद्ध होने पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी तथा नौकरी भी जाएगी।

 

Jahajpur Mla Gopi Chand

इस पर धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने नौकरी से पहले पोस्टमार्टम नहीं करवाने की बात कह कर हल्ला कर दिया। तथा पहले घटना स्थल कर मुआयना करने की बात कही। इस पर मंत्री मीणा ने कलक्टर-एसपी के साथ घटना स्थल का दौरा किया। करीब एक घंटे बाद वहां से वापस आकर उन्होंने ग्रामीणों ने चर्चा की। धरने में शामिल लोगों का कहना था कि जब तक पांचों मांगों पर सहमति नहीं बन जाती धरना खत्म नहीं किया जाएगा। अनशन स्थल पर पूर्वमुख्य सचेतक महावीरप्रसाद जैन, पूर्व पार्षद जे. पी. शर्मा, मोहन साहू, रामअवतार शर्मा व मदन वर्मा पहुंचे और समर्थन दिया था।

 

यह है मामला
उल्लेखनीय है कि गत 28 मई को उनियारा थाना पुलिस ट्रैक्टर-ट्रॉली का पीछा कर रही थी। पुलिस ने देर रात एक ट्रॉली को नगरफोर्ट थाना क्षेत्र में पकड़ लिया। इसमें चालक की मौत हो गई। ये चालक फतेहगंज परासिया थाना उनियारा निवासी भजनलाल (30) पुत्र हरपाल मीना था। सूचना के बाद पहुंचे परिजनों ने हत्या का आरोप लगा धरना शुरू कर दिया। ये धरना शनिवार को अनशन में बदल गया।

फाइल फोटो

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