
जिला एवं सेशन न्यायालय ने टोंक जिले के समरावता में उपचुनाव के दिन पथराव व उपद्रव के मामले में गिरफ्तार 42 लोगों की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान एडवोकेट लाखन सिंह, सलीम एके सूरी ने आरोपियों की पैरवी की। घटना के दिन पुलिस ने 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था। हालांकि अगले दिन 4 लोगों को छोड़ दिया गया। वहीं 4 नाबालिग आरोपियों की जमानत पहले हो चुकी है।
दरअसल, पूरा मामला 13 नवंबर का है। देवली उनियारा विधानसभा उपचुनाव का मतदान हो रहा था। समरावता में ग्रामीणों द्वारा मतदान का बहिष्हकार कर धरने पर बैठे हुए थे। सूचना के बाद निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा भी ग्रामीणों का समर्थन करते हुए धरने पर बैठ गया था।
इस दौरान निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने जबरन वोट डलवाने का आरोप लगाते हुए सेक्टर प्रभारी (मालपुरा SDM) अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद उसी रात को नरेश मीणा की गिरफ्तारी के दौरान लाठीचार्ज पथराव और आगजनी हुई थी। पुलिस ने इस मामले में नरेश मीणा समेत 50 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया था। फिर उन्हें कोर्ट के आदेश से जेल भेज दिया था।
नरेश मीणा को गिरफ्तार किए जाने के बाद राज्य सरकार और भाजपा नेता ने मौेके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया था। इस दौरान ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया कि मामले में निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। वहीं मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी समरावता गांव पहुंचे थे और वहां के लोगों से मुलाकात की थी। इसके बाद वह नरेश मीणा से जेल में भी मिले। बता दें कि इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, हनुमान बेनीवाल ने भी प्रतिक्रियाएं दी है।
Updated on:
06 Dec 2024 05:42 pm
Published on:
06 Dec 2024 05:39 pm
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