मालपुरा में पार्षदों ने ईओ के खिलाफ लिया निन्दा प्रस्ताव

मालपुरा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी की कार्यशैली से नाखुश पार्षदों ने निन्दा प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री, स्वायत्त शासन मंत्री, निदेशक स्वायत्त शासन विभाग, जिला कलक्टर एवं उपखण्ड अधिकारी को निंदा प्रस्ताव की प्रति भेजकर अवगत कराया।

By: pawan sharma

Updated: 16 Sep 2021, 09:03 AM IST

मालपुरा. उपखण्ड मुख्यालय पर नगर पालिका के सभागार में पार्षदों की आवश्यक बैठक पालिका अध्यक्ष सोनिया सोनी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें पालिका में अधिशासी अधिकारी अनिल झिंगोनिया की कार्यशैली से नाखुश पार्षदों ने निन्दा प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री, स्वायत्त शासन मंत्री, निदेशक स्वायत्त शासन विभाग, जिला कलक्टर एवं उपखण्ड अधिकारी को को निंदा प्रस्ताव की प्रति भेजकर अवगत कराया।


बैठक में पार्षदों ने कार्य शैली पर चर्चा करते हुए एक स्वर में पालिका अधिशासी अधिकारी की कार्यशैली के प्रति विरोध प्रकट किया। वहीं पालिका अध्यक्ष ने अधिशाषी अधिकारी को बैठक में बुलाया गया, लेकिन अधिशाषी अधिकारी ने बैठक में आने से इनकार कर दिया।


वहीं बैठक में पार्षदों ने पालिका अधिशासी अधिकारी झिंगोलिया के खिलाफ निन्दा प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री, स्वायत्त शासन मंत्री, निदेशक स्वायत्त शासन निदेशक, जिला कलक्टर एवं उपखण्ड अधिकारी के नाम ज्ञापन प्रेषित अवगत कराया कि वर्तमान अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार झिंगोनिया ने 8 सितम्बर को ही पालिका के अधिशासी अधिकारी के पद का कार्यभार ग्रहण किया है।


वहीं 2 अक्टूबर से प्रशासन शहरों के ंसग अभियान को लेकर तैयारी शिविरों का आयोजन वार्ड वाइज किया जा रहा है, जिसमें बुधवार को पालिका कार्यालय में वार्ड नम्बर 15 व 16 के लिए तैयारी शिविर का आयोजन किया गया, लेकिन इस शिविर में अधिशासी अधिकारी स्वयं अनुपस्थित रहे। वहीं अधिशासी अधिकारी से उक्त मामले में सम्पर्क करने के लिए कई प्रयास किया गया, मोबाइल रीसिव नहीं किया।

बैठक में बुलाने पर नहीं आए

अध्यक्ष सोनिया सोनी ने बताया कि झिगोनिया ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद से ही अध्यक्ष चेम्बर के ताला लगवा दिया तथा कार्यभार ग्रहण करने के बाद सम्पर्क भी नहीं किया तथा बैठक में बुलाने पर नहीं आए। कर्मचारियो को निर्देश दिए कि जब पालिका अघ्यक्ष आए तब ही चेम्बर खोला जाए। साथ ही पार्षदों से भी आमनागरिक की तरह का व्यवहार किया गया जो गलत था।

आरोप गलत
अधिशाषी अधिकारी अनिल झिंगोनिया का कहना था कि पार्षदों की बैठक पर्सनल थी उन्हें बुलाया गया था। बैठक में पहुंचा तो पार्षदों ने कहा कि यह पर्सनल बैठक है। इस पर वह वापस अपने चेम्बर में आ गए। इसके बाद दोबारा पालिका अध्यक्ष द्वारा बुलाया गया तो में नहीं गया। पार्षदों द्वारा लगाया गया आरोप गलत है सरकारी कार्यालय है इसमें आने जाने पर किसी की रोक नही है। सभी आ जा सकते है।

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